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यूपी: हैकर्स ने यूपी विधानसभा की साइट को बनाया निशाना, हैक कर आपत्तिजनक पोस्ट डाली, केस दर्ज

Thu, 09 Sep 2021 11:54 AM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ

सार

यूपी विधानसभा की वेबसाइट हैक होने की जानकारी पर यूपी डेस्कों ने साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज की है। पुलिस ने दावा किया है कि जल्द ही हैकर को दबोच लेंगे।
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यूपी विधानभवन। - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश के विधानसभा की वेबसाइट साइबर हैकरों ने हैक कर ली है। वेबसाइट हैक होने की जानकारी होते ही यूपी डेस्को ने इसकी शिकायत साइबर क्राइम थाने मे दर्ज कराया है। वेबसाइट हैक होने के मामले की जांच साइबर सेल ने शुरू कर दी है। हैकरों ने वेबसाइट हैक कर  आपत्तिजनक पोस्ट डाली है जिसके बाद ही वेबसाइट संचालन करने वाले लोगों को संदेह हुआ। www.upvidhansabhaproceedings.gov.in वेबसाइट को हैक किया गया हैं।

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साइबर क्राइम थाना के प्रभारी के मुताबिक लखनऊ ग्रामीण में सूचना प्रोद्यौगिकी (संशोधन) अधिनियम 2008, 66 सी के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है। यूपी डेस्को के सहायक प्रबंधक रामशंकर सिंह के मुताबिक पुलिस को तहरीर दी गई है। मुकदमा दर्ज हो गया है। वहीं इस मामले की जानकारी होने पर एडीजी साइबर क्राइम राम कुमार ने खुद गंभीरता से कार्रवाई शुरू करवा दी है। हर पल इस मामले की रिपोर्ट ले रहे हैं। साइबर क्राइम थाने की पुलिस ने दावा किया है कि जल्द ही हैकर को दबोच लेंगे।

कई सरकारी विभागों केवेबसाइट हुए हैक
एक सप्ताह में सरकारी बेवसाइट हैक होने के कई मामले सामने आये हैं। पांच सितंबर को आरपीएफ ने रेलवे की सरकारी बेवसाइट हैक करके टिकट की जालसाजी करने वाले को गिरफ्तार किया था। आरपीएफ को जानकारी मिली थी कि पट्टी में ढखवा रोड पर एक साइबर कैफे में रेलवे की वेबसाइट हैक कर अवैध तरीके से टिकट बनाए जा रहे हैं। इस पर बीते रविवार को आरपीएफ ने पट्टी कोतवाली क्षेत्र के ढकवा रोड पर स्थित साइबर कैफे पर छापा मारकर आरोपी अनुपम सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।
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लखनऊ में बुधवार को विभूतिखंड पुलिस ने अंगूठे का बॉयोमेट्रिक क्लोन तैयार कर ठगी करने वाले 3 ठगों को गिरफ्तार किया है। आरोपी सरकारी वेबसाइट (आईजीआरएस) से रजिस्ट्री का डेटा चुराते थे। सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर लोगों के अंगूठे के बॉयोमेट्रिक प्रिंट ले लेते थे। इसके बाद फिंगर प्रिंट का क्लोन बनाकर उनके खातों से पैसा अपने डिजिटल वॉलेट में ट्रांसफर कर लेते थे।

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