संदिग्ध हालत में मिलीं युवतियां।
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गोंडा जंक्शन पर रविवार देर रात में संदिग्ध हालात में मिलीं 15 किशोरियां बिहार के मोतिहारी जा रहीं थीं। एक किशोर भी उनके साथ था। सभी गाेंडा के ही रहने वाले हैं। उनके पास से सामान्य टिकट भी मिले और एक बिजनेस संस्था के सेमिनार में शामिल होने के सबूत मिले। रेलवे सुरक्षा बल ने रात में ही पूरी जांच की और परिजनों को भी बुलाकर बयान भी लिए। परिजनों ने सहमति से भेजने की बात कही। इसके बाद किशोरियां बाल कल्याण समिति के हवाले कर दी गईं।
रविवार की शाम को ऑपरेशन आहट व नन्हें फरिश्ते अभियान के तहत भ्रमण पर रहीं रेलवे सुरक्षा बल की टीम ने किशोरियों को देखा, पूछताछ करने पर संदेह हुआ। 15 किशोरियों और उनके साथ ही जा रहे एक किशोर से टिकट व पहचान-पत्र मांगे। आरपीएफ निरीक्षक उदयराज, उप निरीक्षक विमल कुमार सिंह, सुरेंद्र कुमार एवं महिला आरक्षी दीक्षा रिलकोटिया प्लेटफार्म नंबर दो पर पहुंचे। उन्होंने जानकारी करनी चाही कि आखिर किशोरियां एक साथ कहां जा रहीं हैं, किशोरियां भी डर गईं और खुद से मोतिहारी जाने की बात कहने लगीं।
आरपीएफ इंस्पेक्टर नरेंद्रपाल सिंह ने बताया कि बातचीत से लग रहा था कि गंभीर बात है। इसकी जानकारी चाइल्ड लाइन को दी गई, जहां से टीम के केस वर्कर देवीदयाल तिवारी व आंचल गुप्ता ने पहुंचकर पूछताछ की। इसके बाद किशोरियों के परिजनों को बुलाया गया। उन लोगों ने सहमति से संस्था में काम सीखने के लिए भेजने के लिए कहा। इसके बाद बाल कल्याण समिति में सभी को सोमवार को पेश किया गया। चाइल्ड लाइन के प्रभारी आशीष मिश्र ने बताया कि सभी की काउंसिलिंग कराई गई है। समझाया गया है कि अभी पढ़ाई पूरी करें, इस उम्र में कहीं रोजगार के लिए जाने की जरूरत नहीं हैं। इसके बाद किशोरियों को परिजनों के हवाले कर दिया गया।
संस्था की होगी जांच, नाबालिग को कैसे बुलाया
बिहार के मोतिहारी की बिजनेस संस्था की अब जांच होगी। अपर पुलिस अधीक्षक (पश्चिमी) राधेश्याम राय ने कहा कि किशोरियों और किशोर को बाहर बुलाकर एक बिजनेस संस्था रोजगार से जोड़ रही थी, इसकी जानकारी मिली है। किशोरियों के परिजनों को हिदायत के साथ सौंपने की कार्रवाई बाल कल्याण समिति ने की है, लेकिन संस्था की जांच कराई जाएगी। आखिर संस्था ने नाबालिग से काम लेने की प्रक्रिया क्यों शुरू की। श्रम नियमों के अनुसार बालिग से ही कार्य लिया जा सकता है। पूरे मामले की जानकारी लेकर कार्रवाई की जाएगी।