महाठग संजय राय शेरपुरिया के एनजीओ को छह करोड़ रुपये देने वाला उद्योगपति गौरव डालमिया सरकारी गवाह बन गया है। बीते 12 दिनों से कस्टडी रिमांड पर लिए गए शेरपुरिया का ईडी के अफसरों ने गौरव डालमिया से आमना-सामना भी कराया। डालमिया ने जांच अधिकारियों के सामने शेरपुरिया और उसके एजेंट कासिफ की कारस्तानियों का भांडा फोड़ दिया।
सूत्रों की मानें तो डालमिया ने शेरपुरिया के खिलाफ बयान दिया है कि उसने अपने एजेंट कासिफ के जरिये उसे केस खत्म करने का झांसा देकर फंसाया था। इसके एवज में दो बार में छह करोड़ रुपये लिए। जब डालमिया ने इतनी बड़ी रकम नकद देने में असमर्थता जताई तो शेरपुरिया ने उसे अपने एनजीओ में रकम भेजने की बात कही। इसके बाद डालमिया ट्रस्ट के खाते से रकम ट्रांसफर की गई। बाद में जब डालमिया ने उससे केस खत्म नहीं होने पर पूछा तो वह टरकाने लगा।
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डालमिया ने शेरपुरिया के करीबी अफसरों के भी नाम बताए
ईडी की पूछताछ में उद्योगपति गौरव डालमिया ने संजय शेरपुरिया के करीबी कुछ अफसरों का नाम भी जांच अधिकारियों को बताया है, जिनकी मदद से वह केस खत्म कराने का दावा कर रहा था। इनमें से किन अधिकारियों से उसने डालमिया की मुलाकात कराई थी, इस बारे में अधिकारी जानकारी साझा नहीं कर रहे हैं।
ईडी की पूछताछ के दौरान शेरपुरिया लगातार अधिकारियों को गुमराह करता रहा। वह अपने एनजीओ यूथ रुरल एंटरप्रेन्योर फाउंडेशन और कंपनियों से कोई वास्ता नहीं होने की बात कहता रहा। जब अधिकारियों ने उसके गुजरात की कंपनियों के नाम पर बैंकों से लिए लोन के बारे में पूछा तो उसने नुकसान होने और बाद में दिवालिया होने की बात कही। वह अपनी पत्नी को भी निर्दोष बताता रहा।
उधर, दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में शेरपुरिया की ईडी हिरासत अगले तीन दिनों के लिए और बढ़ा दी है। केंद्रीय एजेंसी को दो बार शेरपुरिया की रिमांड मिल चुकी है। मंगलवार को उसकी दूसरी रिमांड अवधि खत्म होने के बाद कोर्ट में पेश किया गया था। इस पर अदालत ने शेरपुरिया की रिमांड अवधि तीन दिन बढ़ाने का आदेश दिया है।