राजधानी में बैंकों में नौकरी के नाम पर फर्जीवाड़े का बड़ा मामला सामने आया है। इंजीनियरिंग कॉलेज के पास मैग्ना सिक्योरिटी और शक्ति कॉरपोरेशन के नाम से कंपनी खोलकर ठगों ने युवाओं को एचडीएफसी, कोटक महिंद्रा, एक्सिस और बंधन जैसे निजी व सार्वजनिक क्षेत्र के प्रतिष्ठित बैंकों में नौकरी का झांसा दिया।
रजिस्ट्रेशन के नाम पर उनसे मोटी रकम वसूली। इसके बाद फर्जी ऑफर लेटर भेजकर इंटरव्यू कराया। बृहस्पतिवार सुबह ट्रेनिंग के नाम पर युवकों को इंजीनियरिंग कॉलेज के पास स्थित बंधन होटल बुलाया और ऑफिस का बोरिया-बिस्तर समेटकर गायब हो गए।
परेशान युवक ऑफर लेटर लेकर बैंक पहुंचे तब फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। ठगी के शिकार युवकों ने मड़ियांव थाने में शिकायत की है। इंस्पेक्टर संतोष कुमार सिंह का कहना है कि फर्जीवाड़े का मास्टरमाइंड शशांक पटेल है।
उसने ही फर्जी कंपनी बनाकर ऑफिस खोला था। उसके स्टाफ में एक युवती सहित तीन-चार लोग थे। फिलहाल शशांक और उसके स्टाफ के सभी लोग फरार हैं।
अभी तक सूबे के अलग-अलग जनपदों से करीब 150 लोगों के ठगी का शिकार होने की जानकारी मिली है। यह संख्या और ज्यादा हो सकती है। शशांक के पांच मोबाइल फोन भी स्विच ऑफ हैं। मोबाइल नंबरों की डिटेल निकलवाकर उस तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।
पांच से 10000 रुपये लेकर किया रजिस्ट्रेशन, पहली सैलरी भी मांगी
शक्ति कॉरपोरेशन के ऑफिस में शशांक पटेल ने आवेदकों से रजिस्ट्रेशन के नाम पर पांच से 10,000 रुपये वसूले। रितेश ने बताया कि 18 अक्तूबर को रजिस्ट्रेशन के नाम पर उससे 9,000 रुपये जमा कराए गए।
जबकि चिनहट निवासी अबु सालेह और मो. आसिफ सिद्दीकी ने बताया कि उनसे पांच-पांच हजार रुपये लिए गए। अबू व आसिफ को कोटक महिंद्रा बैंक में नौकरी का झांसा दिया गया था। शशांक ने कहा कि रजिस्ट्रेशन के बाद इंटरव्यू होगा।
सेलेक्शन होने पर एक महीने की ट्रेनिंग कराई जाएगी। जिसका कोई भुगतान नहीं देना होगा। नौकरी मिलने के बाद पहली सैलरी शक्ति कॉरपोरेशन के अकाउंट में जमा करने को कहा।
एचआर से सेटिंग बताकर ऑफिस में ही कराए फर्जी इंटरव्यू
शशांक पटेल ने कहा कि बैंकों के एचआर अधिकारियों से अच्छी सेटिंग है। इसलिए किसी को बैंक नहीं जाना होगा। एचआर अधिकारियों को वह ऑफिस में ही बुलवाकर इंटरव्यू करा देगा। रितेश ने बताया कि कंपनी के नारायन प्लाजा स्थित ऑफिस में बीते अक्तूबर को अलग-अलग तिथियों में इंटरव्यू कराए गए थे।
बैंक की फर्जी आईडी बनाकर भिजवाते थे एसएमएस
ठग शशांक पटेल ने बल्क मैसेज सर्विस ले रखी थी। इसमें मैसेज भेजने की आईडी बैंक के नाम पर बनवाई गई थी। ठगी के शिकार उत्तम कुमार, दुर्गा शंकर मिश्रा, आकाश शर्मा, सुजीत बनर्जी, इंद्रेश कुमार ने बताया कि नौकरी के लिए इंटरव्यू और सेलेक्शन होने पर बैंक की तरफ से ही एमएसएस करके जानकारी दी जाती थी। यह एसएमएस युवाओं ने बैंकों में काम करने वाले अपने परिचितों को दिखाए तो उन्होंने इसे सही बताया।
आवेदकों को एम्प्लाई आईडी और पिनकोड के लिए बुलाया था
रितेश ने बताया कि उनके साथ 60 अन्य आवेदकों को बृहस्पतिवार सुबह इंदिरानगर स्थित बंधन होटल के बैंक्वेट हॉल में बुलाया गया था।
ठग शशांक पटेल ने कहा था कि यहां सभी आवेदकों को ट्रेनिंग के लिए एम्प्लाई आईडी और पिनकोड दिया जाएगा। सुबह दस बजे से आवेदक बैंक्वेट हॉल पहुंच गए। हालांकि, साढ़े ग्यारह बजे तक शशांक पटेल और उनके स्टाफ का कोई सदस्य नहीं दिखा तो आवेदकों ने होटल के स्टाफ से पूछताछ शुरू कर दी।
होटल मैनेजमेंट ने किसी कार्यक्रम की बुकिंग न होने की जानकारी दी तो सबके होश उड़ गए। आवेदक कंपनी के ऑफिस पहुंचे तो वहां ताला लटका मिला। इसके बाद आवेदक ऑफर लेटर लेकर बंधन बैंक पहुंचे, जहां अधिकारियों ने फर्जी होने की जानकारी दी।