कोर्ट के आदेश पर हसनगंज थाने में न्यू आलमबाग डिपो के एआरएम डीके गर्ग, अवध डिपो के एआरएम गोपाल दयाल व परिचालक अनुराग अवस्थी के खिलाफ हसनगंज थाने में ठगी के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है।
पीड़ित का आरोप है कि न्यू आलमबाग डिपो में नवनिर्मित दुकानों के आवंटन के नाम उससे 3.50 लाख रुपये ऐंठ लिए गए।
आरोप लगाया कि आरोपियों ने परिवहन निगम की 80 हजार की रसीद भी थमाई थी। आवंटन न होने रकम मांगी तो धमकाने लगे। थाने में सुनवाई न होने पर कोर्ट में गुहार लगाई थी।
प्रभार निरीक्षक हसनगंज यशकांत सिंह के मुताबिक, खदरा के रुपपुर निवासी नंदन कुमार गुप्ता ने बताया कि पास का रहने वाला अनुराग अवस्थी अवध डिपो कैसरबाग में परिचालक है।
जुलाई 2019 में अनुराग ने न्यू आलमबाग डिपो में नई दुकानें आवंटित कराने की बात कही। दो दुकानों के आवंटन पर 4.5 लाख रुपये खर्च की बात कही और एक लाख रुपये नकद ल लिए।
दो दिन बाद 80 हजार की परिवहन निगम की रसीद पकड़ा दी। कहा कि माहभर में दुकान नंबर 4 व 5 आवंटित हो जाएगीं।
सितंबर में अनुराग ने कहा कि दुकानें आवंटित हो गई है और 2.50 लाख रुपये दे दो। किराया टैक्स, बिजली व अन्य खर्चा विभाग में जमा करना है। रुपये का इंतजाम कर अक्तूबर में रुपये दे दिए।
कहा कि कब्जा मिलने पर रसीद दी जाएगी। इसके बाद अनुराग मिलने से कतराने लगा तो ठगी का संदेह हुआ। रकम वापस करने की बात कही तो अनुराग ने धमकाया कि पत्नी सचिवालय में तैनात है। दिक्कत में पड़ जाओगे।
ज्यादा दबाव बनने पर जनवरी 2020 में एक-एक लाख रुपये के दो चेक बतौर जमानत रखने के लिए दिए। कहा कि एक महीने पूरी रकम लौटा देगा, लेकिन नहीं दिए।
लॉकडाउन खुलने पर अनुराग ने विभागीय अधिकारियों से बात करने को कहा। साथ ही कहा कि कुछ रुपये और खर्च करने होंगे।
नंदन ने बताया कि न्यू आलमबाग डिपो में एआरएम से जुलाई 2020 में मिला। एआरएम ने रसीद को सही बताया, लेकिन अनुराग द्वारा ठगी की बात कही। कहा कि दुकानों का आवंटन प्राइवेट संस्था के पास है।
बिना टिकट यात्री ले जाने के आरोप में निकाला गया है आरोपी
नंदन ने बताया कि इस बीच जानकारी मिली कि अनुराग टिकट चोरी व बिना टिकट यात्री ले जाने के मामले में निकाला जा चुका है। अब वह अवध डिपो में है। इस पर पीड़ित ने अवध डिपो के एआरएम से मिलना चाहा। मुलाकात न होने पर मोबाइल पर बात की, लेकिन उन्होंने भी कोई ध्यान नहीं दिया। इस पर संदेह हुआ कि अवध व आलमबाग डिपो के अधिकारी व कर्मचारी मिलकर फर्जीवाड़ा कर रहे हैं।