- कृषि उत्पादन आयुक्त व अपर मुख्य सचिव कृषि के स्तर से एफपीओ के जरिए किसानों को आगे बढ़ाने के लिए कई आदेश किए गए हैं। इनमें 17 विभागों से कन्वर्जेंस सपोर्ट दिलाने का निर्देश भी है लेकिन नियमित समीक्षा न होने से तमाम अच्छे निर्णयों का क्रियान्वयन नहीं हो पा रहा है। इसका क्रियान्वयन सुनिश्चित कराया जाए।
- एफपीओ किसानों का समूह है, इसलिए एफपीओ के माध्यम से किसानों के उत्पाद की खरीद सुनिश्चित कराई जाए। इससे किसानों की आय डेढ़ गुना होना निश्चित है। एमएसपी न्यूनतम समीक्षा मूल्य व बाजार मूल्य के आंकड़ों की पड़ताल कराकर इसे प्रभावी किया जा सकता है।
- पूर्व से केंद्र व राज्य सरकार की नीति के दायरे में शामिल एफपीओ को सहकारी समिति के लाइेंसस व्यवस्था के दायरे में लाया जाए। इससे किसानों की लागत मूल्य में कमी आएगी व समय पर उर्वरक, बीज व दवाइयां मिल सकेंगी। इससे किसानों की उपज और बाय बढ़ेगी।
- राज्य स्तर पर व जिला स्तर पर एक ऐसा प्रकोष्ठ बनाया जाए जहां से एफपीओ व एफपीसी को हर तरह की जानकारी, मार्गदर्शन व सहयोग प्राप्त हो सके। इस तरह का कोई तंत्र न होने से किसानों को जगह-जगह भटकना पड़ता है।
- एफपीओ के साथ नियमित संवाद हो। उनके इनोवेटिव प्रयोगों को प्रोत्साहित किया जाए और व्यवहारिक दिक्कतों को दूर करने की कार्रवाई की जाए। इससे उत्पादन, कारोबार व निर्यात में एक साथ वृद्धि होगी जिससे किसानों की आय दोगुना करने के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकेगा।