लखनऊ। सेना की मेडिकल कोर से रिटायर्ड नर्सिंग सहायक के बकाया भत्तों के भुगतान के लिए पांच हजार रुपये रिश्वत लेने वाले एएमसी के तत्कालीन वरिष्ठ ऑडिटर जसमन्त राज शास्त्री और तत्कालीन लिपिक दिलीप सिंह के भ्रष्टाचार निवारण के विशेष न्यायाधीश अजय विक्रम सिंह ने 4-4 वर्ष के कारावास और 24-24 हजार के जुर्माने से दंडित किया है।
कोर्ट में सरकारी वकील ने तर्क दिया कि वादी आरके सिंह ने 10 अगस्त 12015 को शिकायत दर्ज कराकर बताया था कि वह तीन अक्तूबर 2013 को नर्सिंग सहायक के पद से रिटायर हुए थे। उन्होंने अपने अवकाश नकदीकरण, नसबंदी अलाउंस और बच्चों की पढ़ाई समेत अन्य बकाए के 1.25 लाख का भुगतान लेने के लिए आवेदन किया था लेकिन आरोपी भुगतान के एवज में रिश्वत मांग कर रहे थे। सीबीआई ने आरोपी दिलीप सिंह को 14 अगस्त 2015 को 5 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया था। (संवाद)