केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर में मेडिसिन विभाग को चार वेंटीलेटर मिले हैं। पल्मोनरी मेडिसिन और पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग में कई सालों से डिब्बों में बंद रखे इन वेंटीलेटर को आईसीयू में दिया जाएगा। फेफड़ों की बीमारी से जूझ रहे मरीजों की जीवन रक्षा के लिए ये वेंटीलेटर काम आएंगे।
क्रिटिकल केयर एक्सपर्ट डिप्टी एमएस डॉ. वेदप्रकाश और मेडिसिन विभाग के डॉ. अविनाश अग्रवाल मिलकर इनका संचालन करेंगे।
किंग जार्ज मेडिकल यूर्निवर्सिटी (केजीएमयू) में प्रदेश की सबसे बड़ी क्रिटिकल केयर यूनिट बनाने की तैयारी चल रही है।
50 बेड की इस क्रिटिकल केयर यूनिट को अत्याधुनिक उपकरणों से सुसज्जित किया जाएगा। इस यूनिट में वर्ल्ड क्लास उपकरण लगाए जाएंगे। जिसमें डायलिसिस, वेंटीलेटर के अतिरिक्त फेफड़ों के काम बंद कर देने की स्थिति मरीज की जान बचाने के लिए ‘एक्स्ट्रा कार्पोरियल मेम्ब्रेन ऑक्सीजिनेशन (ईसीएमओ)’ भी शामिल है।
इस मशीन को कृत्रिम फेफड़े भी कहा जा सकता है। जो मरीज के शरीर को ऑक्सीजन उपलब्ध कराती है। अभी तक ये मशीन प्रदेश में किसी भी अस्पताल में नहीं है।