निवर्तमान सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह के कार्यकाल के आखिरी कुछ घंटों में अधिशासी अभियंताओं को अतिरिक्त चार्ज देने का खेल सामने आया है। उनसे इस्तीफा मांगे जाने के तत्काल बाद आनन-फानन में ये आदेश जारी किए गए। मामला उच्च स्तर पर पहुंचने पर अतिरिक्त चार्ज संबंधी सभी आदेश रद्द करने का फैसला ले लिया गया है। साथ ही अन्य उच्चाधिकारियों की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है।
दरअसल, धर्मपाल समेत सभी चार मंत्रियों से मंत्रिमंडल विस्तार के ठीक एक दिन पहले 20 अगस्त को इस्तीफा मांग लिया गया था। धर्मपाल ने 20 अगस्त की देर रात इस्तीफा दिया, पर उससे पहले उसी दिन छह अधिशासी अभियंताओं को अतिरिक्त चार्ज दे दिया गया। यह आदेश प्रमुख अभियंता एवं विभागाध्यक्ष अनूप कुमार श्रीवास्तव की ओर से जारी किए गए थे। आदेश में यह भी लिखा गया है कि इन्हें तत्कालीन सिंचाई मंत्री के निर्देशों के क्रम में जारी किया जा रहा है।
इनको मिला अतिरिक्त चार्ज
20 अगस्त को अलग-अलग जारी छह आदेशों में अधिशासी अभियंता सरयू नहर खंड झांसी सुंदर लाल वर्मा को ड्रेनेज खंड-2 खलीलाबाद का अतिरिक्त कार्यभार दिया गया। अधिशासी अभियंता वाल्मी संगठन नरेंद्र कुमार यादव को बाण सागर नहर निर्माण खंड-8 मिर्जापुर, अधिशासी अभियंता स्टाफ अधिकारी (पिम) अनुश्रवण गोरखपुर अजय कुमार चौधरी को शारदा सहायक खंड-23 आजमगढ़, अधिशासी अभियंता अनुसंधान एवं नियोजन खंड वाराणसी सुशील यादव को सिरसी बांध प्रखंड मिर्जापुर और अधिशासी अभियंता संबद्ध मुख्य अभियंता गोंडा अखिलेश कुमार सिंह को चित्तौड़गढ़ बांध निर्माण खंड बलरामपुर का अतिरिक्त चार्ज दे दिया। इसी तरह एक अन्य अधिशासी अभियंता को भी अतिरिक्त चार्ज दिया गया।
महीने भर दबी रही तबादला फाइल, अतिरिक्त चार्ज का आदेश घंटों में
सूत्रों के मुताबिक, अतिरिक्त चार्ज देने के पीछे अतिरिक्त ‘लाभ’ के समीकरण ने काम किया। धर्मपाल से इस्तीफा मांगे जाने के कुछ ही घंटे बाद अनूप कुमार श्रीवास्तव ने ये आदेश जारी कर दिए। जबकि पिछले साल सिंचाई मंत्री के अभियंताओं के तबादला आदेश पर दस्तखत करने के बाद भी करीब महीने भर फाइल विभागाध्यक्ष कार्यालय में दबी रही थी।
20 अगस्त की शाम तक हमें अतिरिक्त चार्ज देने संबंधी आदेश जारी करने को कहा गया था, जिसका हमने पालन किया। उस दिन हमें सिंचाई मंत्री से इस्तीफा मांगे जाने के बाबत कोई जानकारी नहीं थी। मौजूदा मंत्री की जानकारी में यह मामला लाया गया है, जिसके बाद सभी छह अधिशासी अभियंताओं को अतिरिक्त चार्ज दिए जाने का आदेश रद्द करने का निर्णय लिया गया है।
अनूप कुमार श्रीवास्तव, सिंचाई विभागाध्यक्ष
अतिरिक्त प्रभार के आदेशों में मेरा कोई लेना देना नहीं
तबादले के लिए फाइल पर मंत्री की मंजूरी ली जाती है। जहां कहीं आवश्यकता होती है वहां का अतिरिक्त कार्यभार देने का निर्णय विभागाध्यक्ष व प्रमुख सचिव के स्तर से होता है। 20 तारीख को जारी अतिरिक्त प्रभार के आदेशों से मेरा कोई लेना देना नहीं है। मैंने किसी को निर्देश नहीं दिए थे। आदेश में क्या लिखा है इसके बारे में कुछ नहीं कह सकता।
धर्मपाल सिंह, पूर्व सिंचाई एवं जल संसाधन मंत्री