लखनऊ। अमृत भारत एक्सप्रेस से बालश्रम के लिए ले जाए जा रहे पांच नाबालिगों को आरपीएफ और एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट ने बृहस्पतिवार को रेस्क्यू किया। अयोध्या कैंट से लखनऊ के बीच हुई चेकिंग में बच्चों के साथ मौजूद एक व्यक्ति को भी गिरफ्तार किया गया। बच्चों को बिहार के कटिहार से गुजरात के अहमदाबाद ले जाया जा रहा था। प्रारंभिक पूछताछ में मामला बालश्रम और मानव तस्करी से जुड़ा पाया गया।
उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के सीनियर डीसीएम समर्थ गुप्ता ने बताया कि ऑपरेशन आहट के तहत गाड़ी संख्या 15568 में अयोध्या कैंट से लखनऊ के बीच चेकिंग की गई। इस दौरान स्लीपर कोच एस-5 में पांच नाबालिग लड़के संदिग्ध अवस्था में मिले। पूछताछ में बच्चों ने बताया कि उन्हें बिजली के तार से संबंधित काम कराने के लिए अहमदाबाद ले जाया जा रहा था। टीम ने बच्चों के साथ मौजूद व्यक्ति को ट्रेन से उतारकर गिरफ्तार कर लिया। उसकी पहचान पश्चिम बंगाल के मालदा निवासी जहांगीर आलम के रूप में हुई। पूछताछ में उसने बताया कि बच्चों के माता-पिता को अग्रिम भुगतान और अधिक रकम का लालच दिया गया था।
पांचों नाबालिगों को आवश्यक संरक्षण के लिए चाइल्डलाइन को सौंप दिया गया। जहांगीर को आरपीएफ पोस्ट की निगरानी में रखा गया। शुक्रवार को डालीगंज स्थित एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग थाने में उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई। शनिवार को आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
रेलवे ने की अपील
उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल प्रशासन ने यात्रियों से नाबालिगों की सुरक्षा और मानव तस्करी की रोकथाम के लिए सतर्क रहने की अपील की है। कहा गया है कि रेलवे परिसरों और ट्रेनों में संदिग्ध गतिविधियों पर लगातार निगरानी की जा रही है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल आरपीएफ, जीआरपी या रेलवे हेल्पलाइन पर दें।