तिकुनिया में लखनऊ के मंडलायुक्त रंजन कुमार सुबह से ही किसानों से संवाद में लगे रहे। मौके पर किसानों की भारी भीड़ के साथ उनके नेता राकेश टिकैत समेत पुलिस व शासन के आला अफसर भी मौजूद थे। यहीं किसानों के साथ समझौते की रूपरेखा तैयार हुई। टिकैत सोमवार को भोर होने से पहले ही धरनास्थल पर पहुंच गए थे।
चश्मदीदों का दावा
तिकुनिया में मिले बिछिया (बहराइच) के किसान सुखबिंदर सिंह व जसविंदर सिंह बताते हैं कि रविवार को पूरी वारदात उनके सामने हुई। बकौल सुखबिंदर, सभी किसानों का मुंह निघासन की ओर था, क्योंकि उन्हें बता दिया गया था कि उप मुख्यमंत्री केशव मौर्य के आने का रूट बदला दिया गया है। अब वे हेलीपैड पर नहीं आएंगे। इसी दौरान केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी के बेटे आशीष एक कार से 80 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से गाड़ी दौड़ाते हुए वहां से निकले।
इसके पीछे उतनी ही रफ्तार से एक कार और आई। किसानों को रौंदा गया। कुछ समझ पाते, इससे पहले ही कार के अंदर से गोलियां भी दागी गईं। कौन दाग रहा था, इसे वे नहीं देख पाए। देखते ही देखते कई किसान घायल हो गए। इनमें से चार की मौत हो गई। जसविंदर बताते हैं कि तमाम लोगों के पास इस घटना से संबंधित वीडियो हैं। एक बार इंटरनेट सेवाएं बहाल हो जाएं, किसान वीडियो अपलोड करके साबित कर देंगे कि कार में केंद्रीय मंत्री का बेटा ही बैठा था।