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वाह! सेना में 80 फीसदी फेल कैंडिडेट्स हो गए भर्ती

Mon, 24 Mar 2014 12:46 PM IST
निशांत कुमार यादव/अमर उजाला, लखनऊ
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दिल्ली स्थित भर्ती मुख्यालय की जांच में एक बड़ा खुलासा हुआ है।
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सेना भर्ती मुख्यालय की रिपोर्ट के मुताबिक राष्ट्रीय स्तर पर सैनिक क्लर्क और स्टोर कीपर तकनीकी श्रेणी की संयुक्त प्रवेश परीक्षा में अभ्यर्थियों के कोड नंबर में हेराफेरी कर उनकी कॉपियां बदल दी गईं।

कम अंक पाने वाले अभ्यर्थियों को अधिक अंक पाने वाले अभ्यर्थियों की उत्तर पुस्तिकाओं के कोड चस्पा कर पास करा दिया गया।

मुख्यालय की रिपोर्ट ने सेना भर्ती कार्यालय लखनऊ की ओर लिखित परीक्षा में गड़बड़ी करने की ओर इशारा किया है।

यहां करीब 80 प्रतिशत अभ्यर्थियों के कोड बदलकर उनकी जगह फेल युवकों को सेना में भर्ती कर लिया गया। जबकि मध्य कमान मुख्यालय के अधिकारियों की मानें तो यह गड़बड़ी राष्ट्रीय स्तर पर पुणे भर्ती जोन में हुई है।
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ऐसे हटा खेल से पर्दा

यह मामला एक सैनिक के भाई और लखनऊ निवासी आनंद कुमार यादव की शिकायत के बाद सामने आया है।

आनंद को शारीरिक दक्षता और मेडिकल में उत्तीर्ण करने के बाद भी फेल कर दिया गया था।

आनंद ने जब जांच कराई तो दिल्ली स्थित सेना भर्ती निदेशक (राज्य) कर्नल यूके यादव की ओर से संयुक्त प्रवेश परीक्षा पर एक रिपोर्ट सौंपी गई।

इसमें बताया गया कि सैनिक क्लर्क और स्टोर कीपर तकनीकी श्रेणी के लिए भर्ती जोन पुणे ने संयुक्त प्रवेश परीक्षा आयोजित करवाई थी।

इस परीक्षा के लिए देश भर में 62 केंद्र बनाए गए थे जहां 5969 अभ्यर्थियों ने परीक्षा में हिस्सा लिया था। अभ्यर्थियों के लिए सेना के सॉफ्टवेयर से कोड नंबर देने का काम पुणे भर्ती मुख्यालय की ओर से किया गया था।

इस परीक्षा के बाद 1028 अभ्यर्थियों को सफल घोषित करते हुए रक्षा मंत्रालय के एकीकृत मुख्यालय के एडीजी भर्ती की ओर से चयन सूची जारी की गई थी।

38 पाने वाला फेल और 33 वाला पास

सेना की भर्ती प्रक्रिया पर सवाल लगातार उठ रहे हैं। सेना ने कम अंक वाले अभ्यर्थियों को पास कर दिया जबकि उनसे अधिक अंक पाने वालों को फेल कर दिया।

आनंद कुमार यादव के 38 अंक होने पर उनको फेल कर दिया गया जबकि सत्येंद्र कुमार के 33, अरविंद कुमार के 37 अंक होने पर उनको सेना ने दोबारा एक सूची जारी करते हुए सफल घोषित कर दिया।
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ऐसे हुई हेराफेरी

इन पदों पर भर्ती के लिए दो चरणों में लिखित परीक्षा होती है।

पहले चरण में वैकल्पिक प्रश्नों के उत्तर के लिए कम्पयूटर से बनी ओएमआर शीट सेना देती है। इस शीट पर हर अभ्यर्थी के लिए अलग से सेना के साफ्टवेयर से तैयार 11 अंकों वाले कोड नंबर आवंटित होते हैं।

परीक्षा के बाद सेना भर्ती अधिकारी उसमें से एक हिस्से को काटकर अलग कर देता है।

दूसरे चरण में सब्जेक्टिव प्रश्न के उत्तर के लिए जो पुस्तिका अभ्यर्थी को दी जाती है, उसमें पहले की ओएमआर शीट से जिस हिस्से को भर्ती अधिकारी काटकर अलग करता है उसे चस्पा कर दिया जाता है।
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