बिटिया के साथ हुई दरिंदगी के बाद राज्य सरकार से मुआवजा लेने से परिवारीजनों ने साफ इन्कार कर दिया।
खंडासा थानाक्षेत्र के अमानीगंज बाजार से 17 वर्षीय छात्रा को अगवा कर रेप व दरिंदगी से हत्या के मामले में पांचवें दिन बुधवार को आंसू पोंछने पहुंचे समाज कल्याण मंत्री अवधेश प्रसाद को परिवारीजनों ने खरी-खोटी सुनाते हुए वापस लौटा दिया।
मां, भाई से जैसे ही मंत्री ने सरकार की ओर से पांच लाख रुपये का चेक देने की बात कही सभी भड़क उठे। मंत्री से कहा कि पहले सभी दरिंदों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए। बेटी के साथ हुई दरिंदगी का इंसाफ चाहिए न की उसकी कीमत।
मंत्री से कहा, फौरन यहां से चले जाव
मंत्री के साथ पहुंचे सपा के दिग्गज नेताओं को भी परिवारीजनों के आक्रोश को देख तुरंत वापस लौटना पड़ा। अमानीगंज बाजार से छात्रा को अगवा कर हुई दरिंदगी के मामले में बुधवार को समाज कल्याण मंत्री अवधेश प्रसाद, सपा जिलाध्यक्ष जयशंकर पांडेय, पूर्व मंत्री अयोध्या विधायक तेजनारायण पांडेय पवन, सयुस नेता अनूप सिंह समेत कई नेता परिवारीजनों के आंसू पोंछने पहुंचे थे।
जैसे ही मंत्री ने मुख्यमंत्री की ओर से पांच लाख रुपये का चेक देने की बात कही, घर वाले भड़क उठे। परिवारीजन बोले, उन्हें बिटिया के साथ हुई दरिंदगी की कीमत नहीं चाहिए।
सरकार के इशारे पर पुलिस सही जांच व कार्रवाई नहीं कर रही है। छात्रा के मां व भाई ने मंत्री अवधेश प्रसाद से फौरन वहां से चले जाने तक को कह दिया।
मंत्री बोले मैं पीड़ित परिवार का पिता तुल्य
परिवारीजनों का आक्रोश देख मंत्री ने आश्वासन दिया कि मामले की निष्पक्ष जांच होगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। परिवार के एक व्यक्ति की गिरफ्तारी पर मंत्री ने एसएसपी को फोन कर उसे छोड़ने के लिए कहा।
वहीं समाजकल्याण मंत्री अवधेश प्रसाद का कहना है कि मैंने परिवार को 20 हजार रुपये नकद अपनी तरफ से सहायता दी है। चेक लेकर नहीं गया था, चेक शाम तक बन जाएगा तो भेजा जाएगा। परिवार गम और गुस्से में था, मैंने आश्वासन दिया है कि कोई भी मुल्जिम बख्शा नहीं जाएगा।
परिवारीजनों से लिखित में आरोपियों के बारे में मांगा, तो उन्होंने इन्कार कर दिया। मैं पीड़ित परिवार का पिता तुल्य हूं, घटना मेरे परिवार की है, हर हाल में दोषियों को कड़ी सजा दिलाई जाएगी। मामले को भड़काने वाले आरएसएस के लोगों पर प्रशासन नजर रख रहा है।
जमकर उत्पात कर रहे अराजकतत्व
वहीं अमानीगंज बाजार में बुधवार को पांचवें दिन तनावपूर्ण माहौल के बीच शांति रही। करीब शाम साढ़े पांच बजे जबरन दुकान बंद करा रहे कुछ लोगों को पुलिस ने लाठी भांजकर खदेड़ा, जबकि तीन दिन से बंद अमानीगंज के आसपास के बाजारों में चहल-पहल लौटती दिखी।
हालांकि मंगलवार देर रात तक अराजक तत्वों ने तीन छप्पर व झोपड़ी आग के हवाले कर दी। पिछले तीन दिनों से चल रहे विरोध प्रदर्शन व हिंसा की घटनाओं में अब तक 13 लोगों को पकड़ा गया है।
घटना को लेकर बुधवार को मिल्कीपुर, इनायतनगर व रुदौली के बाबा बाजार में पूर्ण बंदी के दौरान प्रशासन चौकन्ना रहा। आईजी समेत आला अधिकारी पूरे दिन हालात का जायजा लेते रहे। शहर समेत जिले के बाकी संवेदनशील बाजारों व आरोपी के गांव में पुलिस को सतर्क किया गया है।
आरोपी के बारे में होती रही चर्चा
तनावपूर्ण माहौल के बीच आसपास के बाजार तीन दिन बाद खुले, पर गम व गुस्सा लोगों के चेहरों पर साफ दिखा। यही हाल खंडासा, बहादुरगंज, अमरगंज, रामनगर, गदूरही और कुमारगंज बाजारों का रहा।
इन बाजारों में चहल-पहल दिखी, मगर हर जुबान पर एक ही चर्चा थी कि आरोपी नदीम अकेले कैसे छात्रा के साथ इतनी दरिंदगी कर सकता है, पुलिस जरूर कुछ छिपा रही है।
अमानीगंज बाजार पहुंचे समाज कल्याण मंत्री अवधेश प्रसाद को भी भीड़ ने घेरकर यही सवाल दोहराए, तो वे मामले में निष्पक्ष जांच के लिए मुख्यमंत्री तक बात करने का भरोसा देते रहे।