नेपाल में हुई बारिश के बाद बैराजों से छोड़े गए पानी के कारण आई बाढ़ से बुधवार शाम तक 83 लोगों की मौत हो गई।
बलरामपुर में बाढ़ के पानी में डूबने से तीन लोगों की जान चली गई। इसके साथ ही जिले में बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 14 हो गई।
गोंडा में भी एक वृद्धा की डूबने से मौत हो गई। श्रावस्ती में बुधवार को एक युवक की लाश मिली।
यहां मृतकों का आंकड़ा अब बढ़कर 31 पहुंच गया है। वहीं पानी का बहाव थमने पर बुधवार सुबह लखनऊ-बहराइच मार्ग के बीच यातायात बहाल कर दिया गया।
इन क्षेत्रों में कहर
बहराइच के जरवल और कैसरगंज में अभी भी सैलाब की स्थिति बनी हुई है। हालांकि नानपारा और महसी में बाढ़ का पानी खिसकने लगा है लेकिन घाघरा खतरे के निशान से 59 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है।
बाढ़ में फंसे लोगों को राहत पहुंचाने के लिए गोरखपुर वायुसेना स्टेशन से दो हेलीकॉप्टर को जिले में तैनात किया गया।
दोनों हेलीकॉप्टर की मदद से प्रभावित लोगों को लंच पैकेट व दवाइयां बांटीं गईं। वहीं बहराइच लखनऊ-बहराइच के मध्य सड़क यातायात बहाल कर दिया गया पर सड़क खराब होने से अभी सिर्फ छोटे वाहनों को ही निकाला जा रहा है।
छह घर समाए नदी में
श्रावस्ती जिले में बुधवार को एक युवक की लाश कटरा में उतराती मिली। वह 16 अगस्त को आए सैलाब में लापता हो गया था। पानी का बहाव तेज होने से बहराइच-भिनगा संपर्क मार्ग पर आवागमन बंद रहा।
उधर, गोंडा जिले के करनैलगंज व नवाबगंज घाघरा व सरयू का पानी कम होने लगा है। यहां बाढ़ के पानी में डूबने से तरबगंज के चिवरहा निवासी सुमन (60) की मौत हो गई।
ऐली गांव के मजरा दक्षिणी माझा में छह घर नदी में समा गए। नवाबगंज में 32 गांवों के 280 मजरे बाढ़ के पानी में डूबे हैं। जिले के हजारों किसानों की 22 हजार हेक्टेयर फसल पूरी तरह से डूबी हुई है।
अभी भी टापू बने 110 गांव
बलरामपुर में बुधवार को बाढ़ के पानी में डूबकर तीन और लोगों की मौत हो गई। जिले में बाढ़ में डूब कर मरने वालों की संख्या 14 हो गई है। पानी में बहे दो लोग अभी भी लापता हैं।
110 गांव अभी भी टापू बने हुए हैं। करीब दो लाख लोग प्रभावित हैं। सीतापुर जिले के गांजरी क्षेत्र में बाढ़ का पानी कम होने से कटान तेज हो रही है। रेउसा में 30 घर कट गए हैं।
बाराबंकी में अभी भी 80 गांव घाघरा में आई बाढ़ से प्रभावित हैं। हालांकि पानी लगातार कम पड़ रहा है। फैजाबाद में भी सरयू में आई बाढ़ का कहर जारी है। यहां के 24 गांव बाढ़ के पानी से घिरे हैं।
अंबेडकरनगर में सरयू भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। बाढ़ के पानी से टांडा नगर के छह मोहल्ले जलमग्न हैं। दो गांवों में भी पानी घुस गया।