फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ओमिक्रॉन की आहट: 1.25 लाख महंगी हो सकती है हज यात्रा, अब 4.07 लाख रुपये तक करना होगा खर्च

Mon, 27 Dec 2021 05:15 PM IST
ishwar ashish अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

कोरोना प्रोटोकॉल व वीजा शुल्क सहित वैट में बढ़ोत्तरी होने से हज यात्रा का खर्च सवा लाख रुपये तक बढ़ सकता है। जिसके कारण यात्रियों को अब 4.07 लाख रुपये तक खर्च करने पड़ सकते हैं।
 
विज्ञापन
- फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कोरोना महामारी में बीते दो साल हज यात्रा स्थगित रहने के बाद इस बार ओमिक्रॉन की आहट ने हज यात्रा के महंगी होने की आशंका बढ़ा दी है। कोविड प्रोटोकॉल के चलते सऊदी अरब सरकार ने वीजा शुल्क सहित वैट में बढ़ोत्तरी की है। हज पर जाने की ख्वाहिश रखने वाले आजमीन को 1.25 लाख रुपये ज्यादा खर्च करना पड़ सकता है। हालांकि हज कमेटी ऑफ इंडिया ने अभी असल हज खर्च की घोषणा नहीं की है।

विज्ञापन


कोरोना महामारी के कारण लगातार दो साल 2020 व 2021 में हज यात्रा स्थगित कर दी गई थी। हज यात्रा 2022 की घोषणा के बाद दो साल हज यात्रा न होने से मायूस प्रदेश के आजमीन के चेहरों पर मुस्कान लौटी है। एक नवंबर से प्रदेश में हज यात्रा के लिए ऑनलाइन आवेदन शुरू हो चुका है। ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 31 जनवरी तय है। दो साल बाद शुरू हुई हज प्रक्रिया पर इस बार ओमिक्रॉन का खतरा मंडराने लगा है। हज कमेटी ऑफ इंडिया की गाइडलाइन के मुताबिक कोरोना वायरस के चलते इस बार हज वीजा शुल्क, वैट, हेल्थ इंश्योरेंस, सऊदी अरब में रिहाइश का किराया व सेवा शुल्क में बढ़ोत्तरी की गई है।

इस बढ़ोत्तरी से साल 2022 में हज यात्रा के खर्च में करीब एक लाख से 1.25 लाख रुपए तक महंगी होने की आशंका है। इस बार हज यात्रियों को हज पर जाने के लिए 3,35,000 रुपये से लेकर 4,07000 रुपये तक खर्च करने होंगे। जबकि, साल 2019 में प्रदेश से हज यात्रा पर जाने वाले आजमीनों ने अजीजिया में 2,36,000 रुपये तथा ग्रीन में 2,82,000 रुपये खर्च किए थे। आवेदन के बाद हज कमेटी की ओर से चयनित आजमीनों को पहली किश्त के रूप में 81000 रुपये जमा करने होंगे। शेष रकम दो बार में जमा करनी होगी।
विज्ञापन


इस संबंध में स्टेट हज कमेटी के हज सचिव राहुल गुप्ता ने बताया कि, हज यात्रा 2022 के खर्च को लेकर हज कमेटी ऑफ इंडिया ने अपनी गाइडलाइन में अभी संभावित हज खर्च की घोषणा की है। अभी तक असल खर्च तय नहीं हुआ है। नई गाइडलाइन जारी होने के बाद ही हज यात्रा के कुल खर्च की घोषणा की जाएगी। 

विज्ञापन

खर्च बढ़ने की ये है वजह

इस बढ़ोत्तरी की वजह सऊदी अरब सरकार द्वारा हज की खिदमत पर लगने वाले पांच प्रतिशत वैट को 15 प्रतिशत करना माना जा रहा है। नए हज वीजा शुल्क के तौर पर हर व्यक्ति को 300 सऊदी रियाल देना होगा। साथ ही हेल्थ इंश्योरेंस के लिए 100 रियाल अदा करना होगा। सऊदी अरब में कोरोना काल के चलते एक कमरे में केवल दो लोगों को ही ठहराया जा सकेगा। इसलिए रिहाइश का किराया बढ़ने के साथ हाजियों की सेवा के बदले में अब 1050 रियाल की जगह 2500 रियाल देने होंगे।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें