प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बसपा के पूर्व एमएलसी मोहम्मद इकबाल की देहरादून में 74 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की है। प्रवर्तन निदेशालय मनी लांड्रिंग एक्ट के तहत पूर्व में मो. इकबाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर चुका है। इकबाल पर आरोप है की 2010-2011 में अवैध तरीकों से संपत्ति अर्जित की है।
इकबाल ने 2010-11 के दौरान प्रदेश सरकार की चीनी मिलों के विनिवेश की प्रक्रिया में नकली निदेशकों और नकली लेनदेन वाली विभिन्न मुखौटा कंपनियों के माध्यम से अवैध धन से सात चीनी मिलों को खरीदा था। इन सात चीनी मिलों को मार्च 2021 में पीएमएलए के तहत अटैच किया जा चुका है।
प्रवर्तन निदेशालय के संयुक्त निदेशक राजेश्वर सिंह के मुताबिक जांच में यह पाया गया है कि मो. इकबाल और उनके परिवार के सदस्यों ने 2015 में कंपनी अधिनियम के तहत धोखाधड़ी की और सहारनपुर में बीएसएस एसोसिएट्स के नाम पर जमीन ली। इसके अलावा मोहम्मद इकबाल व उनके परिवार के सदस्यों के बैंक खातों में बड़ी मात्रा में नकदी जमा की गई थी। इन्हें 2014-15 के दौरान ग्लोकल इंडिया इंडस्ट्रीज के खाते में स्थानांतरित कर दिया गया था। अगले चरण में ग्लोकल इंडिया इंडस्ट्रीज के बैंक खाते में जमा धन को तुरंत स्थानांतरित कर दिया गया और ग्लोकल इंडिया इंडस्ट्रीज द्वारा बीएसएस एसोसिएट्स के शेयरों को खरीदने के लिए इस्तेमाल किया गया।
इस प्रक्रिया में मो. इकबाल और अन्य ने न केवल कंपनी अधिनियम के तहत धोखाधड़ी की बल्कि उन्होंने देहरादून में बेनामी संपत्ति खरीदी। नकद जमा के अलावा ग्लोकल इंडिया इंडस्ट्रीज द्वारा बीएसएस एसोसिएट्स के शेयरों को खरीदने के लिए इस्तेमाल किए गए काले धन के उपयोग के लिए शेल कंपनियों का भी इस्तेमाल किया गया था।