केजीएमयू की महत्वाकांक्षी योजना ऑर्गन ट्रांसप्लांट विभाग पर शुरू होने से पहले ही संकट के बादल छाने लगे हैं। नेफ्रोलॉजी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. संत कुमार पांडेय और यूरोलॉजी विभाग के डॉ. मनमीत ने इस्तीफा दे दिया है।
दोनों के इस्तीफे की वजह ऑर्गन ट्रांसप्लांट सुविधा शुरू होने में देरी से क्षुब्ध होना बताया जा रहा है। हालांकि केजीएमयू प्रशासन अभी इस मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए है। अंदरखाने यह भी चर्चा है कि कई अन्य वरिष्ठ चिकित्सक इस्तीफा देने का मन बना चुके हैं। इनमें से ज्यादातर निजी अस्पतालों की ओर रुख कर रहे हैं।
केजीएमयू में डायलिसिस के साथ 30 बेड का नेफ्रोलॉजी विभाग खोला गया। इसे शताब्दी फेज एक में चलाया जा रहा है। इसके विभागाध्यक्ष असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. संत कुमार पांडेय और दूसरे फैकल्टी की जिम्मेदारी डॉ. रविशंकर निभा रहे हैं।
डॉ. संत कुमार ने इस्तीफा दे दिया है। इसी तरह ट्रांसप्लांट यूनिट के डॉ. मनमीत सिंह ने भी इस्तीफा दे दिया है। इन्हें ट्रांसप्लांट यूनिट से हटाकर यूरोलॉजी भेज दिया गया था। इससे वह असंतुष्ट चल रहे थे। खास बात यह है कि ऑर्गन ट्रांसप्लांट के वक्त नेफ्रोलाजिस्ट का होना जरूरी है।