फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ये हेल्पलाइन नंबर बचाएंगे प्रॉपर्टी से जुड़ी धोखाधड़ी से

Thu, 10 Sep 2015 04:39 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
विज्ञापन
धोखाधड़ी का शिकार होने वालों को राहत पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन ने नई हेल्पलाइन सेवा शुरू की है। इसके तहत जनसुविधा केंद्रों पर अवैध प्लॉटिंग के नाम से एक फोल्डर बनाया जाएगा।
विज्ञापन


यहां दर्ज शिकायतों को आधा दर्जन विभागों के समन्वय से बनाई गई टीम के माध्यम से निस्तारित कराया जाएगा। यह जानकारी जिलाधिकारी राज शेखर ने दी। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन, राजस्व, एलडीए, नगर निगम, आवास विकास परिषद , पुलिस, स्टांप व रजिस्ट्रेशन विभाग के अधिकारियों के बीच आपसी तालमेल के आधार पर समन्वयन टीम गठित बनाई गई है।

यह टीम फर्जीवाड़ा कर बेची जाने वाली भू-संपत्तियों के संबंध में जांच पड़ताल करेगी। इसका उद्देश्य अवैध प्लॉटिंग, अवैध कब्जेदारी व जाली भू अभिलेख दस्तावेजों के सहारे बेची जाने वाली भू-संपत्तियों की खरीद में आम लोगों को फंसने से रोकना है।
विज्ञापन


जिलाधिकारी ने बताया कि तहसील स्तर से लेकर कलेक्ट्रेट स्तर तक संपत्तियों की खरीद-बिक्री में फर्जीवाड़े की शिकायतें लगातार बढ़ रही हैं। इसे देखते हए प्रशासन ने यह पहल की ह। इसके तहत जनसुविधा केंद्रों पर अवैध प्लॉटिंग फोल्डर बनाए जाएंगे। कब्जेदारी व खरीद-फरोख्त में फर्जीवाड़े के संबंध में फोल्डर में दर्ज होने वाली शिकायतों की गहन जांच की जाएगी।
विज्ञापन

अवैध प्लॉटिंग कब्जेदारी की यहां करें शिकायत

दर्ज शिकायतों का निस्तारण करने के लिए समन्वय टीम एक सप्ताह में जांच पूरी कर करेगी। इसकी जानकारी शिकायतकर्ता को सीधे उपलब्ध कराई जाएगी। जिलाधिकारी ने बताया कि इससे फर्जीवाड़ा कर आम लोगों को शिकार बनाने वाले धंधेबाजों पर रोक लगाने के साथ अवैध व अनधिकृत कॉलोनियों के विस्तार पर भी रोक लगेगी।

अवैध प्लॉटिंग फोल्डर में दर्ज कॉल के आधार पर बताई गई भू-संपत्ति को राजस्व विभाग से जुड़े भू अभिलेख, खसरा-खतौनी व नकल, एलडीए, नगर निगम व आवास विकास स्तर पर निर्धारित भू उपयोग व निबंधन व रजिस्ट्रेशन विभाग में दर्ज रजिस्ट्री के आधार पर सत्यापित कर भू संपत्ति से जुटी सूचनाओं की रिपोर्ट तैयार की जाएगी।

भू संपत्ति खरीद से पहले हर खरीदार को भू-संपत्ति के स्वामित्व, भू-उपयोग व प्लॉटिंग वैध अथवा अवैध होने की जानकारी अवश्य कर लेनी चाहिए। जमीन खरीदने से पहले इसका नक्शा एलडीए स्तर से स्वीकृत होने अथवा न होने की जानकारी होना जरूरी है।

धोखाधड़ी के लिए प्रॉपर्टी डीलर जिला पंचायत स्तर पर जारी नक्शे को दिखा कर प्लॉटिंग व जमीन को वैध बताते हैं, जबकि वास्तव में यह अवैध होता है। इस तरह का फर्जीवाड़ा करने वाले बिल्डर, विकासकर्ता अथवा बिचौलियों की शिकायत भी जनसुविधा केंद्र के नए अवैध प्लॉटिंग फोल्डर अथवा संबंधित तहसील के एसडीएम के मोबाइल पर फोन अथवा एसएमएस सी की दर्ज कराई जा सकती है।

अरूण कुमार, एसडीएम सदर
9454416490
छोटेलाल मिश्रा, एसडीएम बीकेटी
9454416493
नंदलाल सिंह, एसडीएम मलिहाबाद
9454416492
अनिल कुमार, एसडीएम मोहनलालगंज
9454416491
राम नारायण यादव, एसडीएम सरोजनीनगर
9454416511
नगर निगम हेल्प लाइन नंबर
0522-2307782, 2307783

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें