अब बाजार, मॉल या भीड़-भाड़ वाले इलाके में जाने से पहले और वहां पहुंचने के बाद आपको पार्किंग की समस्या से नहीं जूझना होगा। आने वाले दिनों में शहर में प्रमुख स्थलों-चौराहों पर लगी डिस्प्ले स्क्रीन और मोबाइल एप के जरिए आपको पार्किंग के रूट, पार्किंग में स्पेस के बारे में पता लग जाएगा और फिर बिना झंझट आप अपना वाहन खड़ा कर सकेंगे।
यह सब संभव होगा स्मार्ट पार्किंग के जरिए। स्मार्ट सिटी की ओर एक और कदम बढ़ाते हुए नगर निगम ब्रिटेन और फ्रांस की तर्ज पर जाम की समस्या से निजात का डिजिटल समाधान तलाशने में जुट गया है। इस कवायद में नगर निगम और एलडीए दोनों की पार्किंग को जोड़ा जाएगा।
इससे दोनों विभागों की मल्टीलेवल पार्किंग का बेहतर उपयोग होगा। सड़क की साइड पटरी का इस्तेमाल कर वहां डिस्प्ले बोर्ड लगाए जाएंगे। इससे इलाके के आसपास की पार्किंग की जानकारी के साथ-साथ उसके रूट और उसमें मौजूद वाहनों की संख्या का पता चल सकेगा।
इन पार्किंगों में मैनुअल पर्ची काटने की जगह ई-टिकटिंग की सुविधा भी मिलेगी। शुल्क का भुगतान करने के लिए डेबिट या क्रेडिट कार्ड के अलावा पार्किंग कार्ड चलेगा।
मोबाइल एप से मिलेगी मदद
तीन सितंबर को दिल्ली में केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय की हुई कार्यशाला से लौटे नगर निगम के अपर नगर आयुक्त पीके श्रीवास्तव ने बताया कि स्मार्ट पार्किंग लखनऊ में बनानी है। यह पूरी कवायद पैन सिटी विकास में होगी।
इस कवायद में पूरे शहर की पार्किंगों को जोड़ने की योजना है। इससे दो फायदे होंगे। एक तो जाम नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। वहीं स्मार्ट सिटी के लिए जरूरी पैसा भी यहां से कमाया जा सकेगा। यह पैसा यूजर चार्ज के जरिए लोगों से ही मिलेगा।
नगर निगम इसकी संभावना भी तलाश रहा है कि मोबाइल एप की मदद से भी लोगों को पार्किंग स्पेस और रूट की जानकारी मिल सके। नगर निगम अफसरों के मुताबिक हमारी कोशिश होगी कि स्मार्टफोन के जरिए लोगों को पार्किंग की पोजीशन बता सकें।
इन सुविधाओं पर भी होगा जोर
स्मार्ट सिटी में केंद्र सरकार ने नगर निगम को कुछ ऐसे काम करने के लिए कहा है, जिसका फायदा पूरे शहर को मिले। ऐसे में डिजिटल तकनीक से स्मार्ट पार्किंग, ऑनलाइन वाटर सप्लाई सिस्टम जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। यह सारी कवायद पैन सिटी विकास का एक हिस्सा होगी।
पूरे शहर की गतिविधि पर सीसीटीवी कैमरे की मदद से नजर रखी जाएगी। इससे किसी भी समय जरूरत होने पर खास इलाकों में हुए घटनाक्रम या आवागमन को चेक कर कार्यवाही शुरू की जा सकती है। इससे ट्रैफिक मूवमेंट और महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े फैसले भी तुरंत लिए जा सकेंगे।
पैन सिटी विकास में पानी की आपूर्ति को ऑनलाइन सिस्टम से जोड़ने का काम किया जाना है। इसमें नए कनेक्शन के लिए आवेदन करने से लेकर पानी की आपूर्ति से जुड़ी शिकायत को तुरंत दर्ज किया जा सकेगा।
वहीं स्काडा सिस्टम जलकल विभाग के अधिकारियों को बता देगा कि शिकायत कितनी सही है? इसके निस्तारण से लेकर फीडबैक तक की सुविधा यहां होगी। वहीं शिकायतकर्ता को भी इसकी जानकारी मैसेज, ईमेल से दे दी जाएगी।
नगर आयुक्त उदयराज सिंह ने कहा,स्मार्ट सिटी के मॉडल गिफ्ट सिटी के विजिट पर हम गुजरात जा रहे हैं। यहां एक कार्यशाला भी होगी। इसमें भी शहर को स्मार्ट बनाने के तरीकों पर चर्चा होगी। इससे पहले तीन सितंबर को दिल्ली में हुई कार्यशाला में स्मार्ट पार्किंग समेत कई इंतजामों की जानकारी दी गई। इसी तर्ज पर हमें लखनऊ में सुविधाएं विकसित करनी हैं।