प्रवेंद्र गुप्ता, लखनऊ। नगर निगम में संपत्तियों के बढ़े गृहकर को सॉफ्टवेयर पर फीड करने में घपला हो रहा है। आपत्ति निस्तारण के नाम पर इनकी फाइलें ही गायब कर दी जा रही हैं। विभागीय जांच के बाद इसे लेकर जवाब तलब शुरू हो गया है। फाइलें गायब होने पर जिम्मदारों को नोटिस भी जारी किया गया है।
जोन चार में जीआईएस सर्वे के पहले आवासीय व अनावासीय मिलाकर करीब 42 हजार संपत्तियां थी। सर्वे के बाद इनकी संख्या करीब 50 हजार हो गई। इसी तरह हाउस टैक्स की मांग भी बढ़ गई। सर्वे में 50 प्रतिशत से अधिक संपत्तियों के गृहकर में गड़बड़ी निकली। इसमें जिनका टैक्स अधिक आया, उन्हें नोटिस भी जारी किया गया, ताकि आपत्ति दर्ज कर सकें। इस पर सुनवाई के बाद नए टैक्स को सॉफ्टवेयर पर फीड करना है, लेकिन इसमें खेल हो रहा है। आपत्तियों के निस्तारण की आड़ में जोनल कार्यालय में हाउस टैक्स से जुडे़ राजस्व निरीक्षक व बाबू फाइलें ही गायब कर दे रहे हैं। इतना ही नहीं, सॉफ्टवेयर पर टैक्स की फीडिंग के लिए सक्षम स्तर पर कर अधीक्षक से अनुमोदन भी नहीं लिया जा रहा है। बिना ऐसा किए मिलीभगत से सॉफ्टवेयर पर टैक्स की फीडिंग भी की जा रही है।
लगा रहे राजस्व को चोट
आपत्ति पर सुनवाई के बाद सॉफ्टवेयर पर गृहकर का विवरण दर्ज करने में भी खेल किया जा रहा है। संपत्ति का वास्तविक मूल्यांकन कम करके फीड किया जा रहा है। इसके साथ ही बकाया टैक्स में खेल करने के लिए कई साल आगे से कर लगाया जा रहा है, ताकि पुराने बकाया टैक्स में बंदरबांट की जा सके। सर्वे के बाद जोन चार में गृहकर की मांग सालाना 18 करोड़ से 28 करोड़ रुपये पहुंच गई थी। हालांकि, जिस तरह से आपत्तियों के निस्तारण की आड़ में खेल हो रहा है, उससे इस बढ़ोतरी का लाभ नगर निगम को नहीं मिलेगा। जानकारों का कहना है कि राजस्व से जुड़े कर्मचारी अपने फायदे के लिए भ्रष्टाचार कर रहे हैं।
चेतावनी पत्र किया जारी
नगर निगम जोन चार के कर अधीक्षक ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जोन के सभी राजस्व निरीक्षकों, वार्ड लिपिकों और कंप्यूटर ऑपरेटरों को कड़ा चेतावनी पत्र जारी किया है। इसमें कहा गया कि यदि बिना सक्षम स्तर से अनुमोदन कराए कोई टैक्स फाइल कंप्यूटर पर फीड कराई जाती है तो संबंधित के खिलाफ निलंबन की कार्यवाही की संस्तुति उच्चाधिकारियों को होगी।
व्यवस्था में सुधार का कर रहे प्रयास
गृहकर व्यवस्था में सुधार के प्रयास किए जा रहे हैं। इसमें लापरवाही करने वालों को चेतावनी दी गई है। कुछ कर्मचारी बिना सक्षम स्तर से अनुमोदन के ही फाइलों की फीडिंग करा रहे हैं। इसमें जानकारी भी गलत दी जा रही है।