राजधानी की सीटों पर चुनाव के लिए भाजपा में गहमागहमी चरम पर है। दिल्ली में हुईं बैठकों के बाद से कई दावेदारों की धड़कन बढ़ गई हैं।
पार्टी की कब्जे वाली आठ में से पांच सीटों पर नए चेहरे उतारे जाने व कुछ वीआईपी उम्मीदवारों की सीटें बदले जाने की चर्चाएं जोरों पर हैं।
स्थिति यह है कि एक मौजूदा माननीय ने तो अपना टिकट बचाने के लिए दिल्ली तक में डेरा डाल दिया है। स्थानीय संगठन के लोगों की मदद से भी पेशबंदी हो रही है। पूरी उम्मीद जतायी जा रही है कि सोमवार को उम्मीदवारों के नाम घोषित हो जाएंगे।
सूत्र बताते हैैं कि एक दिन पहले दिल्ली में राजधानी के टिकटों को लेकर मंथन हुआ था। चर्चाओं के मुताबिक शहर से वर्तमान में विधायक तीन मंत्रियों में एक का टिकट कटने और दो की सीटें बदली जा सकती हैं।
एक को पूर्व व दूसरे को उत्तर से उतारे जाने की सुगबुगाहट है। यही नहीं, उत्तर व बीकेटी में बदलाव की खबरें तैर रही हैं। बताया जा रहा है कि एक माननीय तो अपनी सीट बचाने के लिए अपने क्षेत्र के मंडल अध्यक्षों का समर्थन लेकर दिल्ली तक पहुंच गए हैं।
मध्य सीट से काबीना मंत्री ब्रजेश पाठक को दूसरी जगह से टिकट दिए जाने की चर्चा है, किसी दूसरे विधायक को यहां से मौका मिल सकता है।
यह भी कहा जा रहा है कि यदि विधायकजी ने मना किया तो उनके अरमानों पर पानी फिर सकता है। साथ ही इस सीट से किसी दूसरे वैश्य उम्मीदवार को टिकट मिलने की उम्मीद जतायी जा रही है।
उधर, पूर्व सीट पर यूं तो मंत्री आशुतोष टंडन काबिज हैं, लेकिन सीट बदले जाने की चर्चाएं हैं। यह भी कहा जा रहा है कि यहां से लड़ेगा कोई वीआईपी ही।
कैंट सीट में रस्साकसी वाले पुराने नेताओं से इतर पार्टी के पदाधिकारी को टिकट मिल सकता है। वहीं, पश्चिम सीट पर बाहरी के विरोध की चर्चाओं के बाद फिलहाल स्थानीय वरिष्ठ पार्टी कार्यकर्ता या दिवंगत विधायक सुरेश श्रीवास्तव के बेटे को टिकट मिलने की चर्चा है।
उधर, सरोजनीनगर में राज्य मंत्री स्वाति सिंह के मुकाबले उनके पति ही प्रबल दावेदार हैं। विवाद ज्यादा बढ़ने पर कोई तीसरा व्यक्ति आने की भी आशंका है।
मलिहाबाद में सांसद व केंद्रीय राज्य मंत्री कौशल किशोर की सहमति से ही उम्मीदवार आना तय माना जा रहा है। बीकेटी के टिकट में भी सांसद का हस्तक्षेप बताया जा रहा है। यहां बदलाव होने पर पार्टी के ही एक वरिष्ठ कार्यकर्ता को मौका मिलने की बात कही जा रही है।
हालांकि, यहां ब्राह्मण प्रत्याशी ही उतरने की चर्चा है। मोहनलालगंज सीट पिछली बार भाजपा हारी थी और इस बार वहां हाल ही में पार्टी ज्वाइन करने वाले पूर्व प्रशासनिक अधिकारी के उतरने की चर्चा है।
चर्चा में हैं ब्राह्मण सम्मेलन
पार्टी की ओर से उत्तर व पश्चिम सीट पर एक दिन पहले ब्राह्मण सम्मेलन का आयोजन भी किया गया है। इस सम्मेलन में चर्चा की गई कि पार्टी से घोषित उम्मीदवार को पूरा समर्थन दिया जाना है। हालांकि चर्चा है कि पश्चिम विधानसभा में सम्मेलन के दौरान सीट को कायस्थ बाहुल्य बताए जाने पर कई पदाधिकारियों ने आपत्ति की। उनका कहना था कि 2012 में हुए परिसीमन के बाद मध्य सीट कायस्थ बाहुल्य हो गई है। हालांकि बैठक में सभी आपत्तियां किनारे कर एकजुटता से चुनाव लड़ने पर जोर दिया गया। बैठक में वरिष्ठ नेता शिवप्रताप शुक्ला व गुजरात से आए सांसद राम भाई मुकारिया मौजूद थे।