लखनऊ। संजय गांधी पीजीआई में छह महीने में डिजिटल पैथोलॉजी की सुविधा शुरू हो जाएगी। सरकारी क्षेत्र में यह पहली डिजिटल पैथोलॉजी होगी। इसमें स्लाइड को स्कैन करके कंप्यूटर में सुरक्षित किया जाएगा और रिपोर्ट के लिए माइक्रोस्कोप की जरूरत भी नहीं पड़ेगी। निदेशक प्रो. आरके धीमन ने शुक्रवार को छठे रिसर्च डे पर संस्थान में आयोजित प्रेसवार्ता में यह जानकारी दी।
निदेशक ने बताया कि डिजिटल स्कैन होने के बाद उसे कहीं भी आसानी से भेजा जा सकेगा। इससे दूसरे विशेषज्ञों से राय लेना आसान होगा। 2.5 करोड़ रुपये की लागत से मशीन खरीदी जा रही है। यह भी बताया कि अगले छह महीने में संस्थान में गामा नाइफ की खरीद भी हो जाएगी। इसके बाद बिना चीरा लगाए मस्तिष्क के ट्यूमर की सर्जरी की जा सकेगी। संस्थान में मरीजों के लिए सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं। इमरजेंसी के 60 बेड बढ़ाने का काम जारी है।
संस्थान के रिसर्च डे के तहत विद्यार्थी और शिक्षकों ने अपने शोध से संबंधित पोस्टरों का प्रदर्शन किया। संकाय शोध प्रभारी प्रो. विनीता अग्रवाल ने बताया कि 320 शोध पत्र प्रदर्शित किए गए। इनमें से सबसे अच्छे 40 शोध का चयन करके शोधकर्ताओं को स्थापना दिवस पर सम्मानित किया जाएगा।
नए कोर्स शुरू करने की तैयारी
संस्थान के डीन प्रो. शालीन कुमार ने बताया कि राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग के पास 53 नए कोर्स शुरू करने का प्रस्ताव भेजा गया है। इनमें डीएम हिमैटो पैथोलॉजी, डीएम इन पेन मैनेजमेंट एंड पैलिएटिव केयर, डीएम रेडियोडायगसिस आंकोलाजी और एमसीएच पीडियाटि्रक यूरोलॉजी जैसे पाठ्यक्रम शामिल हैं।
जीन के हिसाब से होगा इलाज
इंस्टीट्यूट ऑफ जीनोमिक्स एंड इंटीग्रेटिव बायोलॉजी (आईजीआईबी) दिल्ली के जीनोमिक्स विशेषज्ञ डॉ. विनोद स्कारिया रिसर्च डे के मुख्य वक्ता थे। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में हर किसी को एक जैसा इलाज नहीं मिलेगा। दो व्यक्तियों की बीमारी भले समान हो, लेकिन उनकी जीन में अंतर होने पर दोनों का इलाज अलग होगा। डॉ. स्कारिया के मुताबिक हर व्यक्ति का जीनोम अलग होता है, इसलिए बीमारी का खतरा, दवाओं का असर और इलाज की प्रक्रिया भी अलग होनी चाहिए। जीन से यह भी पता लगाना संभव है कि भविष्य में उसे कौन सी बीमारी की आशंका है। कैंसर, हृदय रोग, डायबिटीज और दुर्लभ आनुवंशिक बीमारियों में जीनोम की जानकारी इलाज को कई गुना प्रभावी बनाती है। आने वाले दिनों में इसकी जांच और उपचार दोनों सस्ते हो जाएंगे।