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अफसरों को लेकर ये हैं सीएम योगी व अखिलेश की सोच में फर्क

Sun, 04 Jun 2017 03:15 PM IST
महेंद्र तिवारी/अमर उजाला, लखनऊ
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अखिलेश यादव और सीएम योगी
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सत्ता संभालने के ढाई महीने के भीतर दो तिहाई मंडलों के कमिश्नर और 80 फीसदी से ज्यादा जिलों में कलेक्टर बदल दिए।
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इन तबादलों से साफ है कि योगी प्रशासनिक मशीनरी में मॉनिटरिंग से जुड़ी अहम भूमिका वाले मंडलायुक्त के पदों पर डायरेक्ट आईएएस अधिकारियों को तो जिलाधिकारी के पदों पर प्रमोटी अफसरों को तवज्जो देना चाहते हैं।

इसके उलट अखिलेश यादव सरकार में जिलों में डायरेक्ट तो मंडलों में प्रमोटी अफसरों की भागीदारी ज्यादा दिखती थी।

योगी ने सूबे के 18 मंडलों में से अभी तक 12 के मंडलायुक्तों को बदला है। इससे मंडलायुक्त के पदों पर डायरेक्ट आईएएस अफसरों की संख्या बढ़कर 14 पहुंच गई है।
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मिर्जापुर मंडल के आयुक्त के पद पर भी डायरेक्ट आईएएस वी. हेकाली झिमोमी की पोस्टिंग की गई थी। उनके न जाने के बाद वहां प्रमोटी आईएएस मुरली मनोहर लाल को भेजा गया है। वर्तमान में 14 मंडलों में डायरेक्ट जबकि चार में ही प्रमोटी आईएएस रह गए हैं।

इसमें गौर करने लायक बात ये भी है कि पिछली सरकार में के. राम मोहन राव झांसी और मुरली मनोहर लाल चित्रकूट धाम मंडल के आयुक्त थे। नई सरकार में भी ये दोनों अफसर मंडलों के मुखिया बने हुए हैं। राव आगरा तो लाल मिर्जापुर पहुंच गए हैं।

अखिलेश के राज में ये थे हालात

अखिलेश के शासनकाल में चुनाव आचार संहिता लागू होने के पहले नवंबर 2016 की बात करें तो 18 मंडलों में से सात में प्रमोटी जबकि 11 में डायरेक्ट आईएएस तैनात थे।

जिलों में डायरेक्ट व प्रमोटी अफसरों की हिस्सेदारी बराबर
सूबे के 75 जिलों के कलेक्टर की बात करें तो 10 नवंबर 2016 को अखिलेश यादव सरकार में 75 जिलों में से 45 में डायरेक्ट आईएएस तैनात थे।

30 जिलों की जिम्मेदारी प्रमोटी आईएएस अधिकारियों को मिली हुई थी। योगी आदित्यनाथ ने सत्ता संभालने के बाद 59 जिलों के जिलाधिकारी बदले हैं। अब जिलों में डीएम केपद पर जहां 38 डायरेक्ट आईएएस अधिकारी हैं, वहीं प्रमोटी आईएएस की संख्या बढ़कर 37 हो गई है।

योगी सरकार के आने के पहले जो अधिकारी डीएम के पद पर कार्यरत थे, उनमें से जो अपनी कुर्सी बचाए रखने में सफल हुए हैं, उनमें कई चुनाव आचार संहिता के दौरान निष्पक्ष चुनाव कार्यवाही के लिए आयोग द्वारा भेजे गए थे। योगी सरकार ने भी उन पर भरोसा बरकरार रखा है।

पीसीएस अफसरों को सरकार से शिकायत भी

- फोटो : amar ujala
पीसीएस व आईएएस अफसरों के बीच कुछ प्रशासनिक पदों पर तैनाती को लेकर मतभिन्नता भी है।

पीसीएस अधिकारियों का आरोप रहा है कि सरकार पीसीएस संवर्ग के लिए सुरक्षित राज्य संपत्ति अधिकारी जैसे कई पदों पर आईएएस अधिकारियों की तैनाती करती जा रही है।

नगर निगमों व प्राधिकरणों के प्रशासनिक पदों पर आईएएस अफसरों की तैनाती को लेकर जब-तब प्रयास होते रहे हैं।
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ये अफसर पुराने मंडलों में बरकरार

मुख्यमंत्री आदित्यनाथ - फोटो : amar ujala
अनिल कुमार-तृतीय, मंडलायुक्त गोरखपुर
नितिन रमेश गोकर्ण, मंडलायुक्त वाराणसी
नीलम अहलावत, मंडलायुक्त आजमगढ़
दिनेश कुमार सिंह, मंडलायुक्त बस्ती
सुभाषचंद्र शर्मा, मंडलायुक्त अलीगढ़
एल. वेंकटेश्वर लू, मंडलायुक्त मुरादाबाद

इन जिलों में पुराने कलेक्टरों का जलवा
आगरा- गौरव दयाल
फिरोजाबाद- नेहा शर्मा
इलाहाबाद- संजय कुमार
अमेठी- योगेश कुमार
महराजगंज- वीरेंद्र कुमार सिंह
बांदा- डॉ. सरोज कुमार

महोबा- अजय कुमार सिंह-द्वितीय
बहराइच-  अजय दीप सिंह
लखीमपुर खीरी- आकाश दीप
उन्नाव - अदिति सिंह
बिजनौर- जगतराज

संभल- भूपेंद्र एस. चौधरी
वाराणसी-योगेश्वर राम मिश्र
गाजीपुर- संजय कुमार खत्री
सोनभद्र -प्रमोद कुमार उपाध्याय
अलीगढ़- हृषिकेश भास्कर यशोद
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