शहर आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का खौफ अफसरों के सिर चढ़कर बोल रहा है। सीएम किस अस्पताल जाएंगे यह अभी तय नहीं है लेकिन निरीक्षण से घबराए जिला महिला चिकित्सालय (डफरिन) प्रशासन ने जसरा की गैंग रेप पीड़िता सात साल की बच्ची को छुट्टी देकर घर भेज दिया। डॉक्टर पीड़िता को स्वस्थ बता रहे हैं जबकि उसके माता-पिता का कहना है कि बच्ची की तबीयत अभी ठीक नहीं है। इस मामले में दो आरोपियों को पकड़ने में नाकाम घूरपुर पुलिस भी सेफ गेम खेल रही है।
घूरपुर थाना क्षेत्र के जसरा ब्लॉक के पास एक सप्ताह पूर्व सात साल की बच्ची के साथ हुए गैंगरेप की घटना से इलाके के लोगों में गुस्सा है। शनिवार को डफरिन में भर्ती गैंगरेप पीड़िता बच्ची को डॉक्टरों ने डिस्चार्ज कर दिया। चर्चा है कि शहर आए में सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ डफरिन पहुंचकर रेप पीड़िता से घटना के बारे में पूछताछ न कर सकें, इसलिए उसका इलाज रोक कर घर भेज दिया गया।
इलाकाई पुलिस और प्रशासनिक अफसरों पर भी डफरिन में सीएम की विजिट का खौफ तारी है। शायद इसीलिए शनिवार दोपहर बच्ची की सुरक्षा में तैनात एक महिला और दो पुरुष कांस्टेबल ही उसे घर पहुंचाने गए। बच्ची के साथ उसके परिजन भी थे। पिता की मानें तो अभी बच्ची पूरी तरह से ठीक नहीं हुई है, उसे अभी भी इलाज की जरूरत है। जबकि बच्ची का इलाज कर रहे डॉक्टरों ने उसे खतरे से बाहर बताया है।
डफरिन की एसआईसी डॉ. नीरजा माला के मुताबिक रेप पीड़िता बालिका की तबीयत अस्पताल लाए जाने के दूसरे दिन ही संभल गई थी। बेहतर इलाज और कुशल डॉक्टरों की टीम उसके उपचार में लगी थी। शनिवार को डॉक्टरों ने परीक्षण कर ठीक बताया। उसके परिजनों से बात करने के बाद ही बच्ची को दवाएं देकर डिस्चार्ज किया गया।