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UP Election 2022: पूर्वांचल की 34 सीटें तय करने में सपा के छूटे पसीने, कई सीटों को लेकर बढ़ा आक्रोश

Sun, 13 Feb 2022 03:13 PM IST
ishwar ashish चंद्रभान यादव, अमर उजाला, लखनऊ

सार

सहयोगी दलों व दूसरी पार्टियों से आए नेताओं ने सपा की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कई सीटों पर उम्मीदवारों को लेकर आक्रोश बढ़ा है। पार्टी हाईकमान डैमेज कंट्रोल करने में जुटा है।
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- फोटो : amar ujala
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विस्तार
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पूर्वांचल की 34 सीटें तय करने में सपा के पसीने छूट रहे हैं। सहयोगी दलों और दूसरी पार्टियों से आए नेताओं को समायोजित करने से चुनौती बढ़ गई है। कई जिलों में हुए विरोध को देखते हुए पार्टी हाईकमान फूंक-फूंककर कदम रख रहा है। नाराज नेताओं के मान मनौव्वल की कोशिशें जारी हैं। पार्टी मुख्यालय पर सपा प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल और जिला स्तर पर पार्टी के वरिष्ठ नेता नाराज लोगों को सरकार बनने पर मौका देने की दुहाई दे रहे हैं।

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सपा व गठबंधन को मिलाकर अब तक 369 उम्मीदवारों के नाम सार्वजनिक किए गए हैं। कुल 403 विधानसभा सीट में से अब शेष बचीं 34 सीटों को लेकर जोर आजमाइश चल रही है। सुभासपा का दावा है कि उसे करीब 14 सीटें मिलनी हैं। जिन सीटों पर उसने पहले दावा किया था, उन पर सपा ने अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया है। ऐसे में सुभासपा को मिलने वाली सीटों को लेकर संशय बना है। वह जिन सीटों पर दावा कर रही है, उन्हीं पर गठबंधन के दूसरे दल भी नजर लगाए हैं। इसी तरह अपना दल कमेरावादी पांच और सीटों पर दावा कर रहा है। जनवादी सोशलिस्ट भी पूर्वांचल की चार सीटों पर नजर गड़ाए है। महान दल भी एक सीट की ख्वाहिश रख रही है।

भाजपा से आए बसपा पृष्ठभूमि वाले नेता भी अपने चहेतों के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा रहे हैं। सपा सूत्रों का कहना है कि गठबंधन में शामिल दलों के नेताओं से साथ सपा के वरिष्ठ नेताओं की लगातार बैठक हो रही है। सपा चाहती है कि गठबंधन में शामिल दल पहले संबंधित सीट पर उम्मीदवार का नाम बताए। जबकि दूसरी पार्टी यह चाहती हैं कि उसे सीट दे दी जाए और वे अपने हिसाब से उम्मीदवार उतारें। इसी में पेंच फंसा हुआ है। सूत्रों का कहना है कि गठबंधन के खाते में जाने वाली सात सीटों पर संबंधित पार्टी अधिकृत उम्मीदवार से संबंधित पत्र (फार्म बी) भी जारी कर चुकी हैं, लेकिन रस्साकशी की वजह से अभी तक उनके नाम सार्वजनिक नहीं किए गए हैं।

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बीच का रास्ता निकालने की रणनीति

सूत्रों का कहना है कि शनिवार शाम पार्टी के शीर्ष नेता और गठबंधन में शामिल दलों के नेताओं के बीच एक-एक सीट पर मंथन हुआ है। ऐसे में बीच का रास्ता निकालने की रणनीति अपनाई जा रही है। विभिन्न दलों के दावेदारों को सपा के सिंबल पर ही मैदान में उतारने की तैयारी चल रही है। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि एक-दो दिन में सभी उम्मीदवारों के नाम सार्वजनिक कर दिए जाएंगे। अंतिम चरण में शामिल 54 सीटों पर नामांकन की अंतिम तिथि 17 फरवरी है।

सपा गठबंधन की सीटें
सपा 330 पर अपने उम्मीदवार उतार चुकी है। 33 सीट पर राष्ट्रीय लोकदल और पांच सीट पर सुहेलदेव भारतीय समाजपार्टी उम्मीदवार उतार चुकी है। अपना दल कमेरावादी की राष्ट्रीय अध्यक्ष कृष्णा पटेल प्रतापगढ़ से मैदान में हैं। इसी तरह सपा के टिकट पर  प्रसपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव जसवंत नगर से, डा. पल्लवी पटेल सिराथू से, महान दल के अध्यक्ष केशवदेव मौर्य की पत्नी सुमन फर्रुखाबाद सदर और बेटा चंद्र प्रकाश मौर्य बिल्सी से, जनवादी सोशलिस्ट के उपाध्यक्ष हसीब हसन को उतरौला से सपा के टिकट पर मैदान में हैं। इस तरह सपा व गठबंधन को मिलाकर अब तक 369 उम्मीदवार उतारे जा चुके हैं।
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