करीब आठ महीने पहले महिला के पति व अन्य लोगों ने सुरेंद्र को लाठी-डंडे व बांका से हमला कर लहूलुहान कर दिया था। उस वक्त पुलिस से शिकायत की गई थी लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। पुलिस ने सुरेंद्र के खिलाफ ही मुकदमा दर्ज करने की धमकी देकर समझौता करा दिया था।
सुरेंद्र के परिजनों का कहना है कि पुलिस ने अगर कार्रवाई की होती तो उसकी निर्ममता से हत्या नहीं होती। सुरेंद्र के पिता मूलचंद की पांच साल पहले बीमारी से मौत हो चुकी है। परिवार में मां फूलमती के अलावा आठ भाई-बहन हैं। सुरेंद्र सबसे बड़ा था।