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अवैध संबंध में वारदात, कुल्हाड़ी से 30 वार कर युवक की हत्या, खून से लथपथ मिला शव

Sun, 23 Aug 2020 06:19 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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सुरेंद्र (फाइल फोटो), हत्या के बाद मौके पर जांच करने पहुंची पुलिस। - फोटो : amar ujala
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लखनऊ के माल थाना क्षेत्र के समेसी गांव निवासी सुरेंद्र यादव (32) की ताबड़तोड़ कुल्हाड़ी मारकर हत्या कर दी गई। शनिवार सुबह खून से लथपथ उसका शव बाग में मिला। परिजनों ने गांव की एक महिला से नाजायज संबंध और उसके परिजनों पर हत्या का आरोप लगाते हुए पांच लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। थाना प्रभारी राम सिंह ने बताया कि आरोपी महिला समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक की तलाश में पुलिस टीम लगाई गई है।

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एसपी आदित्य लंगहे ने बताया कि सुरेंद्र यादव बख्शी का तालाब में अपने मामा रामचंद्र के साथ रहकर दूध का काम करता था। जन्माष्टमी में वह परिजनों से मिलने माल आया था, लेकिन घर के बजाय गांव के बाहर बने नारायणी देवी मंदिर में रुका था। मंदिर परिसर में उसके साथ अन्य लोग भी थे। रात करीब 11 बजे तक लोगों ने सुरेंद्र को देखा। इसके बाद वह गायब हो गया।

सुबह गांव के बाहर भगवानदीन के बाग में सुरेंद्र का खून से लथपथ शव मिलने पर हड़कंप मच गया। सुरेंद्र के परिवारीजन रोते-बिलखते मौके पर पहुंच गए। सुरेंद्र के चेहरे, पीठ-पेट और हाथ-पैरों पर कुल्हाड़ी से ताबड़तोड़ वार किए गए थे। छोटे भाई वीरेंद्र कुमार ने बताया कि सुरेंद्र के गांव की एक महिला से नाजायज संबंध थे।
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उसने महिला और उसके पति समेत परिवार के तीन अन्य सदस्यों पर हत्या का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई। वीरेंद्र ने बताया कि सुरेंद्र और आरोपी महिला करीब डेढ़ साल पहले भाग गए थे। छह महीने दोनों एक साथ रहे, फिर महिला अपने घर लौट आई।

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आठ माह पहले भी किया था लहूलुहान

करीब आठ महीने पहले महिला के पति व अन्य लोगों ने सुरेंद्र को लाठी-डंडे व बांका से हमला कर लहूलुहान कर दिया था। उस वक्त पुलिस से शिकायत की गई थी लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। पुलिस ने सुरेंद्र के खिलाफ ही मुकदमा दर्ज करने की धमकी देकर समझौता करा दिया था।

सुरेंद्र के परिजनों का कहना है कि पुलिस ने अगर कार्रवाई की होती तो उसकी निर्ममता से हत्या नहीं होती। सुरेंद्र के पिता मूलचंद की पांच साल पहले बीमारी से मौत हो चुकी है। परिवार में मां फूलमती के अलावा आठ भाई-बहन हैं। सुरेंद्र सबसे बड़ा था।
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