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घर और दफ्तर पर टिकी तफ्तीश,15 से पूछताछ

Wed, 12 Mar 2014 08:19 AM IST
संजय त्रिपाठी/अमल उजाला, लखनऊ
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जलकल के जेई सत्यनारायण वर्मा की हत्या की तफ्तीश उनके घर और दफ्तर पर टिकी है। वारदात के पीछे संपत्ति की रंजिश के अंदेशा के चलते एक टीम करीबी रिश्तेदारों के बारे में तहकीकात में जुटी है।
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दूसरी टीम ने सहकर्मियों को थाने बुलाकर पूछताछ कर ऑफिस के मामलों की जानकारी जुटाने का प्रयास किया। तीसरी टीम ने संदेह के घेरे में आए अन्य लोगों से पूछताछ की।

सत्यनारायण वर्मा का मोबाइल खंगालने के बाद पुलिस ने नौ नंबरों को संदेह के घेरे में लिया है। अब तक सिर्फ इतना तय हो सका है कि किसी करीबी ने भाड़े के हत्यारों से वारदात अंजाम दिलाई।
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जेई की हत्यारों का पता लगाने के लिए एसएसपी ने पांच टीमें गठित की थीं। इनमें सीओ गाजीपुर विशाल पांडेय के नेतृत्व में बनी टीम को तहकीकात करके दफ्तर के विभिन्न मामलों की जानकारी के निर्देश दिए गए।

पता लगाया जा रहा है कि दफ्तर का कोई ऐसा मामला तो नहीं जिसके चलते भाड़े के शूटरों से जेई की हत्या कराने की नौबत आई हो। इस टीम ने ऑफिस के छह कर्मचारियों को आज गाजीपुर थाने बुलाकर पूछताछ की।

इनमें से चार कर्मचारियों के हिचकने पर पुलिस को कुछ छिपाने का संदेह हुआ। इस पर पुलिस ने अपने स्तर से जुटाई विभिन्न जानकारियों से संबंधित सवाल करने शुरू किए। कई घंटे चली पूछताछ में कुछ खास हासिल नहीं हुआ।

सीओ अलीगंज अखिलेश नारायण सिंह की टीम को सत्यनारायण के रिश्तेदारों के बारे में तहकीकात करके संपत्ति संबंधी विवादों की जानकारी जुटाने का प्रयास किया। यह टीम सत्यनारायण की शवयात्रा में शामिल हुई।

भैंसा कुंड पर अंतिम संस्कार के दौरान टीम ने रिश्तेदारों व करीबी लोगों की बातचीत पर कान लगाए। सत्यनारायण के भाई,ससुर व अन्य रिश्तेदार दुखी नजर आए। उन्होंने कहा कि संपत्ति को लेकर कोई विवाद नहीं था।

इसके बावजूद पुलिस को कुछ बिंदुओं पर संदेह हुआ। इन पर तहकीकात चल रही है। पुलिस ने बुधवार को सत्यनारायण की पत्नी व बेटियों से बातचीत करके कुछ जानकारी जुटाने की तैयारी की है।

इंस्पेक्टर चिनहट विजय मल्ल यादव ने एक घर के सीसीटीवी फुटेज को कब्जे में लेकर विशेषज्ञों की मदद से उन्हें स्पष्ट कराकर शूटरों व बाइक की पहचान के प्रयास किए।

इसके अलावा जलकल विभाग के वसूली शिविर से लेकर जोन-4 के ऑफिस तक के रास्ते में विभिन्न स्थानों पर लगे सीसीटीवी के फुटेज चेक कराए। पता लगाने की कोशिश है कि शूटरों ने पीछा कहां से शुरू किया था।

लेकिन स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी। एसओ गाजीपुर,एसओ अलीगंज व एसओ विकासनगर की टीम ने इलाके के संदिग्ध लोगों का ब्यौरा जुटाने के साथ कई लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की।

सर्विलांस सेल ने सोमवार दोपहर 1:15 से 1:30 बजे तक कन्वेंशन सेंटर के पीछे सौ मीटर की परिधि में सक्रिय रहे मोबाइल का संबंधित कंपनियों से ब्यौरा तलब किया। उनमें से संदिग्ध नंबरों की तलाश शुरू की गई।

इसके अलावा सत्यनारायण वर्मा का मोबाइल खंगालने के बाद नौ नंबरों को संदेह के घेरे में लिया गया। उनका कॉल डिटेल खंगालने के साथ कुछ पर पुलिस ने कान लगाए हैं।
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