आरोपियों ने दीपक को बताया कि जिला विद्यालय निरीक्षक गाजीपुर की पत्नी शशि राय इस कंपनी की असली मालिक हैं वही कंपनी को संचालित करती हैं। कम्पनी में इन्हीं के द्वारा पूंजी निवेश किया गया है। प्रवीण ने बताया कि जिला विद्यालय निरीक्षक ओपी राय हमारे रिश्तेदार है। जो भी हम बात करेगें उनको अथवा हमारे सभी लोगो को मान्य होगी।
कंपनी में साझीदार बनाने के लिए शेयर भी तय कर दिए गए। 50 प्रतिशत अशोक राय, 20 प्रतिशत जिला विद्यालय निरीक्षक की पत्नी शशि राय और 30 प्रतिशत प्रवीण राय को हिस्सेदारी दी गई। पीड़ितों के मुताबिक इसी हिस्सेदारी के आधार पर नई कंपनी बनाई गई। जिसका नाम ए एस आर ग्रीन सिटी रखा गया। कंपनी को रजिस्टर्ड भी कराया गया।
पीड़ितों का आरोप है कि धीरे-धीरे करके कंपनी में 7 करोड़ रुपए निवेश किए गए। इस दौरान जब भी प्रवीण से बात की जाती वह टालमटोल करता रहता। आरोप है कि चारों ने मिलकर रुपए को मनमाने तरीके से खर्च किया। जब रुपए खर्च करने के संबंध में पूछताछ की जाती तो प्रवीण और उसके बड़े भाई विनय और बंटी की दखल शुरू हो गई लगातार धमकियां दिए जाने लगी। विरोध करने पर अभद्रता भी की।
आरोप है कि विनय कुमार राय उर्फ बंटी ने कहा कि इस कंपनी से हमे लगभग 4 करोड़ रूपया चाहिए। मधुवन सीट पर भाजपा से हमें टिकट मिलने जा रहा है। इनके द्वारा निर्दलीय चुनाव के नाम पर लगभग 2.50 करोड़ रूपये का घपला कर दिया गया। जब छानबीन की गयी तो पता चला कि प्रवीण राय ने धोखे से कम्पनी का रुपया अपने निकटतम संबधियों को दिया है। आरोप है कि चारों जालसाजों ने मिलकर करोड़ों रुपए हड़पने की साजिश रची।
इसके लिए फर्जी दस्तावेज तैयार किया। हिसाब मांगने पर जान से मारने की धमकी तक दी। प्रभारी निरीक्षक महानगर केशव कुमार तिवारी के मुताबिक दीपक राय की तहरीर पर जिला विद्यालय निरीक्षक ओम प्रकाश राय, उनकी पत्नी शशि राय, प्रवीण राय उर्फ सोनू और विनय राय बंटी के खिलाफ साजिश रचने कूटरचित दस्तावेज तैयार करने, धमकी देने सहित कई संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।