10 दिन पहले भी झपकी ने ली थी सात लोगों की जान
10 दिन पहले भी चालक को नींद आने के कारण हरिद्वार में अस्थि विसर्जित कर लौट रहे एक परिवार के सात लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 16 घायल हो गए थे। चालक द्वारा लापरवाही बरतने के कारण हादसों की संख्या बढ़ रही है।
गाड़ी में फंस गए थे तीनों
दुर्घटना के बाद तीनों गाड़ी में बुरी तरह से फंस गए थे। सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची। लोगों की मदद से उन्हें बाहर निकाला गया। शव को नागरिक अस्पताल में लाया गया। यहां पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया।
...काश चालक बात मान लेता तो बच जाता हादसा
बकौल राजेंद्र कार टकराने से पहले उन्होंने चालक से पूछा था कि अगर नींद आए या फिर थकान हो तो वह कुछ देर कार रोककर आराम कर सकता हैं लेकिन चालक ने मना कर दिया। उन्होंने इससे पहले सोनीपत के पास एक होटल पर चाय भी पी थी। अचानक चालक को नींद का झटका आ गया और कार असंतुलित होकर सड़क किनारे खड़े ट्रक से टकरा गई। राजेंद्र को इस बात का मलाल है कि अगर चालक दंपती का कहना मानकर गाड़ी को कुछ समय रोक लेता तो यह हादसा होने से बच सकता था।
पुलिस ने महिला के शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया है। गाड़ी चालक मिथुन अभी बयान देने की हालत में नहीं है। उसके बयान के आधार पर ही इस मामले में आगामी कार्रवाई की जाएगी। दिनेश कुमार, सदर थाना प्रभारी