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'पैसे ले लो, बयान बदल दो, जीत तो पाओगी नहीं'

Tue, 01 Dec 2015 01:22 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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आशियाना सामूहिक दुराचार कांड में आरोपी पक्ष के हौसले किस कदर बुलंद हैं यह सोमवार को ट्रायल के दौरान सामने आया, जब पीड़िता से रुपये लेकर मामला खत्म करने की पेशकश की गई। पीड़िता अपना बयान दर्ज करने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट पहुंची थी।
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पीड़िता का आरोप है कि परिसर में काले कोट पहने कुछ लोग उसके पास आए। कहा, ‘कुछ पैसे ले लो, बयान बदल दो और गौरव शुक्ला को जाने दो। आखिर जीत तो पाओगी नहीं।’

पीड़िता ने बताया कि यह सुनकर उसे बेहद निराशा हुई कि कोई इस तरह की पेशकश भी कर सकता है। वह भी तब जब वह कोर्ट में बयान देने जा रही थी। साढ़े दस साल के संघर्ष के बाद भी अगर किसी को लगता है कि रुपयों के लिए वह पीछे हट जाएगी तो यह दुखद है।
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गौरतलब है कि मुख्य आरोपी गौरव शुक्ला पर चार्जशीट दाखिल होने के बाद सोमवार से केस का ट्रायल शुरू हुआ। गौरव भी अपने वकीलों और परिवारीजनों के साथ कोर्ट पहुंचा था।

आरोपियों में डर नहीं
मामले पर एडवा की प्रदेश अध्यक्ष मधु गर्ग का कहना है ‘इस तरह की कोशिश बताती है कि आरोपियों के हौसले किस कदर बुलंद हैं और न्याय तक पहुंचने की राह में वे कैसी कैसी बाधाएं लगाने को तैयार बैठे हैं।’
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पहले भी हुई है पेशकश, धमकियां भी मिलीं

पीड़िता ने बताया कि इससे पहले उसे और उसके पिता को कई बार रुपये लेकर केस खत्म करने का दबाव पड़ा। कई बार धमकियां भी मिली।

पीड़िता दे रही थी बयान, पसीने पोछ रहा था गौरव
फास्ट ट्रैक कोर्ट में पीड़िता के बयान दर्ज किए गए। इस दौरान करीब ढाई घंटे लगे। पीड़िता ने पूरे समय जज के समक्ष खड़े होकर घटनाक्रम सुनाया। वहीं, गौरव जज के सामने कठघरे के बाहर ही खड़ा रहा। खड़े रहने के लिए बार-बार उसे कठघरे का सहारा लेना पड़ा। जब पीड़िता बयान दे रही थी तो गौरव बार-बार अपने माथे से पसीना पोछ रहा था।

पीड़िता फिर से पहुंची जज के समक्ष
पीड़िता के बयान के दौरान कई वकील, अदालत का स्टाफ और दूसरे मामलों में कोर्ट आए लोग जमे रहे। बयान दर्ज कराने के बाद पीड़िता कोर्ट रूम से बाहर आई। थोड़ी ही देर बाद फिर जज के समक्ष खड़ी हो गई। कहा कि इतने लोगों से घिरा होने के कारण वह कुछ घबरा गई थी इसलिए कई महत्वपूर्ण बातें छूट गईं।

पीड़िता ने कहा कि जज ने उसकी बात सुनने से पहले कोर्ट से सभी लोगों को बाहर जाने का आदेश दे दिया। केवल जज और कुछ स्टाफ की मौजूदगी में उसने घटना से जुड़ी कुछ और बातें बताईं। ट्रायल की अगली तारीख तीन दिसंबर तय की गई है।
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