टीम ने युवती के फोन नंबरों को जब खंगाला तब पता चला कि एक नंबर बिहार के समस्तीपुर का है, जिस पर लगातार दूसरे फोन से बात होती रही है। इस जानकारी पर स्वाट टीम प्रभारी को महिला आरक्षी के साथ बिहार समस्तीपुर रवाना कर दिया।
स्वाट टीम ने शुक्रवार को बिहार के समस्तीपुर शहर के एक मकान में पहुंची जहां संघमित्रा ज्योति मिल गई। स्वाट टीम उसे लेकर शनिवार को जिले में पहुंची। एसपी ने बताया कि संघमित्रा ज्योति के खिलाफ साजिश रचने के साथ ही कई अन्य मामलों में केस दर्ज किया गया है।
उसे न्यायालय में पेश किया गया है, जहां से पुलिस उसे रिमांड पर लेगी। एसपी ने घटना का खुलासा करने वाली टीम को 10 हजार रुपये नकद पुरस्कार देने की घोषणा की।
एसपी डॉ. अरविंद चतुर्वेदी ने बताया कि संघमित्रा ज्योति का मोहम्मद नाजिम से दो वर्ष पूर्व लाइक चैट एप्लीकेशन पर संपर्क हुआ था। उसके बाद संघमित्रा ने गांव के ही मोटकऊ तिवारी को खुद के अपहरण व मर्डर में फंसा कर जेल भेजने की साजिश रच डाली।
मोटकऊ तिवारी से युवती के परिवार का जमीन विवाद था। युवती का मानना था कि मोटकऊ के जेल जाने के बाद किसी को पता नहीं चलता कि वह जिंदा है और पूरी उम्र नाजिम के साथ बिहार के समस्तीपुर में रहती। नाजिम शादीशुदा है। बावजूद इसके संघमित्रा ज्योति उसके साथ रहना चाहती थी।