शासन ने आठ नए स्वशासी राजकीय मेडिकल कॉलेजों के लिए 3088 पदों का सृजन किया है। प्रत्येक मेडिकल कॉलेज में सृजित 386 पदों में चिकित्सा शिक्षक, तकनीकी संवर्ग, बाबू और चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी शामिल हैं। यह पद 2021-22 शैक्षणिक सत्र से नेशनल मेडिकल कमीशन के मानक के अनुसार एमबीबीएस प्रथम वर्ष के लिए स्वीकृत किए गए हैं। मेडिकल कॉलेज का संचालन शुरू होने पर ही इन पदों पर भर्ती की जा सकेगी।
प्रदेश में केंद्र सहायतित योजना के तहत फेज टू में प्रतापगढ़, गाजीपुर, देवरिया, सिद्धार्थ नगर, एटा, हरदोई, फतेहपुर और मीरजापुर में स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय के लिए पदों का सृजन किया गया है। प्रत्येक मेडिकल कॉलेजों के लिए शिक्षकों के 45 पद, रेजीडेंट 18, जूनियर रेजीडेंट 42, नर्सिंग संवर्ग 173, पैरामेडिकल-तकनीकी संवर्ग 32 पद, लिपिकीय संवर्ग 30, प्रशासनिक संवर्ग 10, चतुर्थ श्रेणी आउटसोर्सिंग के 36 समेत 386 पदों का सृजन किया गया है।
अपर मुख्य सचिव चिकित्सा शिक्षा डॉ. रजनीश दुबे के अनुसार एनाटमी, फिजियोलॉजी, बॉयोकेेमिस्ट्री, फार्माकोलॉजी, पैथोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी और बीएसएल-टू लैब, फोरेंसिंक मेडिसिन, कम्युनिटी मेडिसिन, जनरल मेडिसिन, पीडियाट्रिक्स, टीबी एंड चेस्ट, स्किन एंड वीडी, मानसिक रोग, जनरल सर्जरी, आर्थोपैडिक्स, ऑप्थलमोलॉजी, ईएनटी, ऑब्स एंड गायनी, एनेस्थीसिया, रेडियोडायग्रोसिस और डेंटिस्ट्री विभाग में चिकित्सा शिक्षकों के 45 पद स्वीकृत हैं।
इसके अलावा जनरल मेडिसिन, पीडियाट्रिक्स, टीबी एंड चेस्ट, स्किन एंड वीडी, मानसिक रोग विभाग, जनरल सर्जरी, आर्थोपैडिक्स, आप्थलमोलॉजी, ईएनटी, आब्स एंड गायनकोलॉजी, एनेस्थीसिया, रेडियोडायग्नोसिस विभाग में सीनियर रेजीडेंट के 18 पद सृजित हैं।