एसटीएफ ने रेलवे भर्ती बोर्ड इलाहाबाद की परीक्षा में फर्जीवाड़ा करने वाले गिरोह के मास्टर माइंड बेदी राम को गिरफ्तार कर लिया है।
बेदी राम रेलवे में टीटीई था और बाद में कई परीक्षाओं को लीक करने के आरोप में वह सुर्खियों में आया।
पिछले दिनों जब सीपीएमटी का पेपर लीक हुआ तो एसटीएफ के शक की सुई बेदी राम के गिरोह पर ही गई। एसटीएफ का यह शक तब और भी गहरा हो गया जब रविवार को आरआरबी का पेपर भी लीक हो गया।
इसमें लखनऊ से ही दो अभ्यर्थी पकड़े भी गए थे। फिलहाल, बेदी राम से पेपर संबंधी अन्य पूछताछ की जा रही है।
बनी हुई थी असमंजस की स्थिति
इससे पहले आरआरबी पेपर लीक मामले में असमंजस की स्थिति बनी हुई थी।
जहां रेलवे भर्ती बोर्ड इलाहाबाद के अधिकारी पेपर लीक होने की बात को नकार रहे थे, वहीं एसटीएफ के अधिकारी फर्जीवाड़े की बात पर अड़े थे।
बोर्ड के अध्यक्ष एसएन माथुर ने रविवार को ही कहा था कि बरामद आंसर-की मूल प्रश्न पत्र से मेल नहीं खा रही। ऐसे में पेपर लीक करने की बात नहीं मानी जा सकती।
इसी वजह से रेलवे भर्ती बोर्ड ने न तो रविवार को हुई परीक्षा रद्द की और न ही किसी खास सेंटर पर दोबारा परीक्षा कराने की बात कही। हालांकि बुधवार को बेदी राम के पकड़े जाने के बाद तस्वीर साफ हो चुकी है।
23 जून को हुआ था सीपीएमटी का पर्चा लीक
गौरतलब है कि सीपीएमटी-2014 की प्रवेश परीक्षा 23 जून को होनी थी लेकिन गाजियाबाद में पेपर लीक की सूचना के बाद परीक्षा निरस्त कर दी गई थी। इसमें भी बेदी राम का ही हाथ बताया जा रहा है।
परीक्षा की नई तिथि 20 जुलाई प्रस्तावित की गई है। गाजियाबाद के इलाहाबाद और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में रखे बॉक्स के क्षतिग्रस्त पाए जाने के बाद ये फैसला लिया गया।
अब यह परीक्षा कड़ी निगरानी के बीच होगी और सभी सेंटर्स पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इस परीक्षा में 1,09,291 अभ्यर्थियों को शामिल होना है।