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चुनाव आचार संहिता उल्लंघन के रीता बहुगुणा जोशी के मामले में कोर्ट ने पुलिस कमिश्नर को दिए निर्देश

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लखनऊ। आचार संहिता उल्लंघन की आरोपी सांसद रीता बहुगुणा जोशी के मामले में गवाहों के कोर्ट में हाजिर न होने पर एमपी-एमएलए कोर्ट के विशेष अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अम्बरीश कुमार श्रीवास्तव ने पुलिस कमिश्नर लखनऊ को पत्र लिखा है। कोर्ट ने कमिश्नर को निर्देश दिया कि वह थाना कृष्णानगर के तत्कालीन थानाध्यक्ष हरिमोहन सिंह, एसआई जितेंद्र कुमार और एसआई ओमप्रकाश के विरुद्ध जमानती वारंट का तामीला कराया जाना सुनिश्चित करें। मामले की अगली सुनवाई आगामी 14 मार्च को होगी।
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पत्रावली के अनुसार, रीता बहुगुणा जोशी वर्ष 2012 में कांग्रेस पार्टी की ओर से प्रत्याशी थीं। थाना कृष्णानगर में स्टेटिक मजिस्ट्रेट मुकेश चतुर्वेदी ने 17 फरवरी 2012 को दर्ज कराई गई रिपोर्ट में कहा था कि उन्हें सूचना मिली थी कि मोहल्ला बजरंग नगर में रीता बहुगुणा जोशी प्रचार का समय समाप्त होने के बावजूद आचार संहिता का उल्लंघन करते हुए जनसभा कर रही हैं।
जालसाजी मामले में नहीं दी जमानत
लखनऊ। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम में लोगों को नौकरी दिलाने का झांसा देकर पैसा वसूलकर हड़पने एवं फर्जी नियुक्ति पत्र देने के आरोपी कृष्णमुरारी की जमानत अर्जी को अपर सत्र न्यायाधीश पीएम त्रिपाठी ने खारिज कर दिया है।
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जमानत अर्जी का विरोध करते हुए सरकारी वकील दुष्यंत मिश्रा एवं अरुण कुमार पांडे का तर्क था कि इस घटना की रिपोर्ट मड़ियांव थाने में तैनात उपनिरीक्षक जफर मेहंदी ने 22 दिसंबर 2021 को दर्ज कराई गई थी। पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, अभियुक्त को पुलिस पार्टी द्वारा रेनेसां होटल विपिनखंड गोमती नगर से गिरफ्तार करके उसके कब्जे से मुहरें, फर्जी नियुक्ति पत्र, मोबाइल व लैपटॉप बरामद किया था। अदालत ने कहा है कि अभियुक्त गिरोह का मास्टरमाइंड है। उसने राज्य सड़क परिवहन निगम में नौकरी का झांसा देकर धोखाधड़ी कर लोगों से पैसा वसूला था।
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