याचियों का कहना था कि वर्तमान में दुनिया के ज्यादातर देश इस महामारी को रोकने के लिए युद्ध स्तर पर लगे हैं, लेकिन भारत में उतनी सक्रियता से काम नहीं हो रहा है। यहां लोग भी अभी बेपरवाह हैं। ऐसे में विश्व स्वास्थ्य संगठन के दिशा-निर्देशों के मुताबिक राज्य सरकार को इस महामारी को रोकने के लिए और अधिक सख्ती से उपाय करने चाहिए।
उधर, राज्य सरकार के वकीलों आनंद सिंह और क्यूएच रिजवी ने कोर्ट को बताया कि सरकार कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए क्या कार्रवाई कर रही है। मगर, इनकी जानकारी से कोर्ट संतुष्ट नहीं हुआ और राज्य सरकार की ओर से उठाए जा रहे कदमों की विस्तृत जानकारी 17 मार्च को देने के निर्देश दिए।