विपक्षी दलों की बैठक से सपा-बसपा के किनारा करने से लगता है कि प्रदेश में सपा-बसपा ऐसा गठबंधन बनाएंगे जिसमें कांग्रेस नहीं होगी। इससे प्रदेश में विपक्षी दलों का महागठबंधन खटाई में पड़ सकता है। सपा-बसपा अपने गठबंधन में राष्ट्रीय लोकदल को शामिल कर सकते हैं।
बसपा के कई नेता मानते हैं कि कांग्रेस से गठबंधन का उन्हें बहुत लाभ नहीं मिलेगा। इसी को ध्यान में रखते हुए मायावती व अखिलेश यादव विपक्षी दलों की बैठक से अलग रहे।
गठबंधन पर सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि यह अच्छा है कि विपक्षी पार्टियां पीएम नरेंद्र मोदी व भाजपा के खिलाफ एकजुट हो रही हैं। देश नया प्रधानमंत्री चाहता है। अभी हमारा ध्यान संगठन को मजबूत करने पर है। फिर देखेंगे कि क्या करना है? सपा की प्राथमिकता उत्तर प्रदेश का कल्याण है। हम चुनाव से पहले ऐसा गठजोड़ बनाएंगे जो भाजपा को हराएगा।