‘360 डिग्री प्रोफाइल तैयार करने के लिए सभी जोन में ज्वाइंट कमिश्नर (कॉर्पोरेट सर्किल) के नेतृत्व में एक टीम बनेगी। इसमें जरूरत के मुताबिक डिप्टी व असिस्टेंट कमिश्नरों के अलावा वाणिज्यकर अधिकारियों को भी शामिल किया जाएगा। टीम में कंप्यूटर पर कार्य करने वाला एक दक्ष कर्मचारी भी होगा, ताकि प्रोफाइलिंग के दौरान मिलने वाली सूचना को तत्काल कंप्यूटर में दर्ज किया जा सके।
ऐसे होती है ‘360 डिग्री प्रोफाइलिंग’
‘360 डिग्री प्रोफाइलिंग’ तैयार करने के दौरान अधिकारी कंपनियों के निदेशकों से सीधे मुलाकात न करके वहां काम करने वाले अन्य कर्मचारियों से संपर्क करते हैं। कंपनी के अधिकारियों व कर्मचारियों से ही अलग-अलग कंपनी और निदेशकों की संपत्तियों व आय के अन्य स्रोतों का पता कर पूरा ब्योरा एकत्र किया जा जाता है। ताकि कभी भी कंपनी डिफॉल्टर हो तो उनकी संपत्तियों से बकाये रकम की वसूली की जा सके।