प्रवेंद्र गुप्ता
प्रदेश के सभी स्मार्ट शहरों का कमांड कंट्रोल सेंटर राजधानी में बनेगा। इससे उन सात शहरों में करोड़ों की लागत से कमांड कंट्रोल सेंटर बनाने की जरूरत नही पड़ेगी।
इससे जहां सरकार का खर्च बचेगा वहीं एक ही कमांड कंट्रोल सेंटर से सभी शहरों की स्मार्ट सेवाओं पर नजर रखी जा सकेगी। यह सेंट्रल कमांड कंट्रोल सेंटर इसी साल दिसंबर तक शुरू किए जाने की तैयारी है।
स्मार्ट सिटी योजना में प्रदेश के कुल 17 शहर शामिल हैं। जिनमें 10 शहर केंद्र सरकार ने और सात शहर प्रदेश सरकार ने घोषित किए हैं।
प्रदेश सरकार द्वारा जो सात शहर स्मार्ट सिटी घोषित किए गए हैं, वहां केंद्र सरकार द्वारा घोषित 10 शहरों की तरह अलग-अलग कमांड कंट्रोल सेंटर नहीं बनाए जाएंगे।
केंद्र द्वारा घोषित लखनऊ स्मार्ट सिटी के कमांड कंट्रोल सेंटर के बनाने और संचालन पर 150 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं।
इसे देखते हुए प्रदेश स्तर पर एक क्लाउड बेस्ड कमांड कंट्रोल सेंटर बनाया जा रहा है। जिसे स्टेट ऑब्जर्बेटरी सेंटर भी नाम दिया गया है। इस पर करीब 25 करोड़ रुपये की लागत आएगी।
इसके लिए बजट बड़े स्मार्ट सिटी शहरों से करीब दो करोड़ और छोटे शहरों से करीब 50 लाख रुपये जुटाए जा रहे हैं।
आईआईटी कानपुर से डीपीआर को मंजूरी
विशेष सचिव नगर विकास इंद्रमणि त्रिपाठी ने बताया कि स्मार्ट सिटी शहरों के लिए जो सेंट्रल कमांड कंट्रोल सेंटर बनाया जाना है वह गोमती नगर विस्तार स्थित निदेशक स्थानीय निकाय के ऑफिस में उसको लेकर स्थान भी तय हो गया है। इसकी डीपीआर भी बन गई है और आईआईटी कानपुर ने परीक्षण भी कर लिया है। क्लाउड बेस्ड यह कमांड कंट्रोल सेंटर उन सात प्रमुख स्मार्ट सिटी शहरों का डाटा स्टोर सेंटर भी होगा। बाकी 10 शहर को भी इससे जोड़ा जाएगा।
प्रदेश सरकार द्वारा घोषित स्मार्ट शहर
गोरखपुर, अयोध्या, शाहजहांपुर, मेरठ, फिरोजाबाद, मथुरा, गाजियाबाद।
केंद्र सरकार द्वारा घोषित स्मार्ट शहर
लखनऊ, कानपुर, आगरा, वाराणसी, प्रयागराज, अलीगढ़, झांसी, बरेली, सहारनपुर व मुरादाबाद।
सेंट्रल कमांड कंट्रोल सेंटर को अगले महीने दिसंबर तक शुरू करने की तैयारी है। इसे लेकर डीपीआर बन गई है। सॉफ्ट सॉल्यूशन काम के लिए रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (आरएफपी) भी जारी किया जा रहा है। इस सेंट्रल कमांड कंट्रोल सेंटर का संचालन स्मार्ट सिटी लखनऊ देखेगी।
- इंद्रमणि त्रिपाठी, विशेष सचिव नगर विकास