जीका वायरस के स्रोत का पता लगाने के लिए सोमवार शाम लालकुआं व छितवापुर में किट विज्ञानी के जरिये मच्छर पकड़ने का अभियान शुरू हुआ। सूत्रों के मुताबिक, पहले दिन 40 मच्छर पकडे़ गए। बुधवार तक मच्छर पकड़े जाने के बाद इन्हें फ्लाइट से पुणे की लैब भेजा जाएगा। राज्य किट विज्ञानी डॉ. मानवेंद्र त्रिपाठी ने टीमों के साथ जीका प्रभावित इलाकों का दौरा किया।
वहीं, स्वास्थ्य विभाग-एडी मंडल की टीम में समन्वय की कमी से रात तक इस पर संशय रहा कि कितने मच्छर पकड़े गए। सीएमओ डॉ. मनोज अग्रवाल के मुताबिक, स्टेट की टीम मंगलवार व बुधवार को भी अभियान चलाएगी। कहा कि कितने मच्छर पकड़े गए, उन्हें जानकारी नहीं थी। वहीं, डॉ. मानवेंद्र ने बताया कि मच्छर पकड़ने की जानकारी सीएमओ ऑफिस भेज दी गई है।
नया केस नहीं, 69 की रिपोर्ट निगेटिव
लखनऊ। राजधानी में जीका वायरस को नया केस सामने नहीं आया है। वहीं, 69 लोगों के नमूनों की रिपोर्ट सोमवार को निगेटिव आने से स्वास्थ्य विभाग ने राहत की सांस ली। इससे पहले 106 के सैंपल की रिपोर्ट भी निगेटिव आई थी। अब फूलबाग व आलमबाग, हुसैनगंज इलाके से 84 लोगों के नमूने केजीएमयू भेजे गए।
फिर शुरू होगी फीवर क्लीनिक
लखनऊ। जीका वायरस को नियंत्रित करने के लिए फीवर क्लीनिक शुरू होगी। इस बाबत डीएम अभिषेक प्रकाश ने स्वास्थ्य विभाग के साथ बैठक में निर्देश दिए। कहा कि कोविड प्रोटोकॉल का भी सख्ती से अनुपालन कराएं। उन्होंने अस्पतालों में मच्छर रोधी वार्ड बनाने और ऐसा न होने पर बेड नेट के इस्तेमाल के निर्देश दिए। कहा, जीका प्रभावित लालकुआं, हुसैनगंज व कानपुर रोड का कोई व्यक्ति ब्लड डोनेट करने या परामर्श लेने आता है और उसमें लक्षण है तो तत्काल जांच कराई जाए। इलाज के बाद सीएमओ ऑफिस को सूचना देनी होगी। सीएमओ ने निजी अस्पतालों में भी फीवर डेस्क बनाने के निर्देश जारी किए। यह भी कहा कि जीका के इलाज के लिए खास खर्च नहीं आता है। निजी अस्पताल इसकी मोटी फीस न लें। ऐसा मामला सामने आए तो तुरंत सूचना दें। वहीं, डीएम ने कहा कि कोविड की रोकथाम को अभी तक जिले में 85 प्रतिशत लोगों को पहली डोज लग चुकी है। 100 फीसदी टीकाकरण के लिए जिले के 100 निजी अस्पतालों में टीकाकरण सत्र का आयोजन होगा।