फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यूपी में बिजली संकट : बैठकों के दौर के बीच कोयले की किल्लत बरकरार, सरकार निपटने को तैयार

Sat, 16 Oct 2021 01:16 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

दशहरे पर अतिरिक्त बिजली खरीदकर की गई व्यवस्था, विद्युत संयंत्रों में अभी कोयले की नहीं हुई पूरी आपूर्ति।
विज्ञापन
बिजली संकट - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

प्रदेश में कोयला संकट बरकरार है। विद्युत आपूर्ति सुचारू करने के लिए सरकार को अतिरिक्त व्यवस्थाएं करनी पड़ रही है। दशहरे पर पिछले कई दिन की तरह बिजली खरीद कर व्यवस्था बहाल रखी गई।

विज्ञापन


कोयले की कमी के कारण प्रदेश के विद्युत संयंत्रों में बिजली का भरपूर उत्पादन नहीं हो पा रहा है। सभी संयंत्र अपनी क्षमताओं से कम पर काम कर रहे हैं। शुक्रवार को पारीछा में मात्र आठ हजार मीट्रिक टन कोयला शेष रह गया यानी इससे बस आधे दिन ही संयंत्र चलाया जा सकता है।

अनपरा में 58000 यानी डेढ़ दिन का, ओबरा में 29000 यानी 2 दिन और हरदुआगंज में 10700 मीट्रिक टन यानी 1 दिन का कोयला शेष बचा है। कोयले की आपूर्ति तो हुई लेकिन बहुत मामूली। मांग के अनुरूप आपूर्ति न होने के कारण यह स्थिति पैदा हो रही है। उधर दशहरे के अवसर पर सरकार ने निजी ट्रेडर्स से बिजली खरीदी और आपूर्ति बहाल रखी। 
विज्ञापन


माना जा रहा है कि यदि जल्द ही कोयले की भरपूर आपूर्ति नहीं हुई तो कुछ और संयंत्र बंद हो सकते हैं। बिजली उत्पादन कम होने का परिणाम यह है कि ग्रामीण क्षेत्रों के अलावा शहरों में भी अघोषित रूप से लगातार बिजली कटौती हो रही है। हालांकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कह चुके हैं कि रात को विद्युत कटौती नहीं होगी । ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा इस मसले पर लगातार अधिकारियों की बैठक कर रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें