बाल विकास एवं पुष्टाहार के क्रियाकलापों के साथ ही विभागीय अधिकारियों के भ्रमण की मॉनिटरिंग व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए विभाग ने ‘यथार्थ’ नाम से ‘एप’ तैयार कराया है। मुख्यमंत्री ने इसे लॉन्च किया। इस एप के माध्यम से ही विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन पर नजर रखी जाएगी।
अभियान की मुख्य थीम
30 सितंबर तक चलने वाले अभियान को 5 थीम पर संचालित किया जाएगा। इसमें नवजात शिशु की जन्म से लेकर पहले 1000 दिन तक देखभाल, ऊपरी पूरक आहार, दस्त से बचाव, एनीमिया की रोकथाम और स्वच्छता को शामिल किया गया है। प्रदेश के हर गांव व शहर में इसी थीम पर लोगों को जागरूक किया जाएगा।
पोषण माह में होंगी ये गतिविधियां
पोषण माह के दौरान पहले सप्ताह में पुरुष भागीदारी, दूसरे में किशोरी, तीसरे में बाल और चौथे में माता सप्ताह का आयोजन किया जाएगा। पूरे महीने आंगनबाड़ी केंद्रों पर हर दिन अलग-अलग गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। इनमें वजन, सुपोषण, पंचायत मीटिंग, ऊपरी आहार, पोषण वाटिका, आंगनबाड़ी केंद्र सुदृढ़ीकरण, सुपोषण स्वास्थ्य मेला व झांकी, सुपोषण गूंज, रैली, पुष्टाहार से निर्मित व्यंजन बनाने की विधि का प्रदर्शन, प्रभातफेरी, बाल सुपोषण उत्सव, गोदभराई व अन्नप्राशन आदि गतिविधियां शामिल हैं।