मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की भूमिका मां यशोदा की तरह है क्योंकि उन्हें मां यशोदा की तरह बच्चों का पालन-पोषण करना होता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को लखनऊ में 'राष्ट्रीय पोषण माह' के अंतर्गत 1,359 आंगनवाड़ी केंद्रों और 171 बाल विकास परियोजना कार्यालयों के लोकार्पण व शिलान्यास और आंगनबाड़ी कार्यकत्री व सहायिकाओं को यूनिफॉर्म हेतु धनराशि अंतरण के कार्यक्रम में बोल रहे थे। इस मौके पर उन्होंने कुपोषित से सुपोषित श्रेणी में आने वाले बच्चों के अभिभावकों को सम्मानित किया और डीबीटी के माध्यम से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के खाते में 29 करोड़ की राशि हस्तांतरित की।
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40 वर्षों में 50 हजार से ज्यादा बच्चों की मौत हुई
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कुपोषण से लड़ने को व्यापक अभियान प्रारंभ करने के लिए पूरे देश को प्रेरित किया है। इस दिशा में विगत छह वर्षों में उत्तर प्रदेश में काफी कार्य हुए हैं। उन्होंने कहा कि एक समय था जब इंसेफेलाइटिस से पूरे प्रदेश में प्रतिवर्ष 1200-1500 मौतें होती थीं। पूर्वी उत्तर प्रदेश इस बीमारी से खासा प्रभावित था। 1977 से लेकर 2017 तक यानी 40 वर्षों में प्रदेश में लगभग 50,000 बच्चे इस बीमारी की चपेट में आकर काल कलवित हो चुके थे।
सीएम योगी ने कहा कि हमारी सरकार आने के बाद हमने केंद्र सरकार के साथ 2018 में अंतर्विभागीय समन्वय बनाकर इंसेफेलाइटिस के उन्मूलन का कार्य शुरू किया। आज पूरे प्रदेश से इंसेफेलाइटिस को समाप्त करने में हम सफल हुए हैं। उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश में मातृ और शिशु मृत्यु दर में गिरावट आई है। ऐसा इसलिए संभव हो पाया क्योंकि माताओं और शिशुओं को पोषण आहार मिलना शुरू हुआ। सीएम योगी ने कहा कि हमारी सरकार आंगनबाड़ी केंद्र, न्याय पंचायत और ब्लॉक स्तर पर स्वस्थ बालक और बालिका प्रतिस्पर्धा का आयोजन करेगी।
देश को स्वस्थ, साक्षार और समर्थ बनाना है
सीएम योगी ने कहा कि आजादी के अमृत काल का यह प्रथम वर्ष है। भारत अनेक उपलब्धियों को लेकर के चल रहा है। हम सबको 2027 तक भारत को दुनिया की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित करना है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने 2047 यानी जब देश आजादी का शताब्दी वर्ष मना रहा होगा, उस समय के लिए एक लक्ष्य निर्धारित किया है कि देश को विकसित भारत बनाना है। इसके लिए हमें देश को स्वस्थ, साक्षार और समर्थ बनाना है।