मुख्यमंत्री ने कहा कि पीसीएस सेवा में आने के बाद व्यक्तिगत जीवन से ऊपर उठना होगा। अब अपने-पराए का भेद नहीं। ज्ञान-दक्षता व व्यवहार से हरेक व्यक्ति के लिए समान व्यवहार करना होगा। उन्होंने कहा कि न्याय बोलने से नहीं कार्यपद्धति से झलकना भी चाहिए। अफसरों को समाज के लिए समस्या बनने की जगह समाज की समस्याएं सुलझानी चाहिए। तकनीक का उपयोग बढ़ाकर लोगों का जीवन सहज बनाने का काम कना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि पीसीएस को सेवाकाल में डिप्टी कलेक्टर से लेकर कलेक्टर, मंडलायुक्त व शासन में सचिव तक कार्य का अवसर प्राप्त होता है। लेकिन, यह अधिकारी के कार्य-आचरण से तय होता है कि वह क्या प्राप्त करता है।
अब भाई-भतीजावाद, जातिवाद, भ्रष्टाचार मुक्त भर्तियां
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले सरकारी नौकरी की प्रक्रिया को कलंकित कर दिया गया था। भाई-भतीजावाद, जातिवाद व भ्रष्टाचार का बोलबाला था। भर्तियां न्यायालय में जाती थीं, वहां सीबीआई जांच के आदेश दिए जाते थे। तब की भर्तियों की आज भी सीबीआई जांच चल रही है। युवाओं की प्रतिभा से खिलवाड़ था। उनकी सरकार ने निष्पक्षता, पारदर्शिता व ईमानादारी से भर्ती प्रक्रिया अपनाई है। योग्यता व मेरिट से चयन हुआ है तथा बाहरी हस्तक्षेप की गुंजाइश नहीं रही। पहले आयोगों में अनिर्णय, अराजकता व अव्यवस्था थी, आज तेजी से चयन पारदर्शी प्रक्रिया का उदाहरण है। साढ़े चार वर्ष के कार्यकाल में 4.5 लाख से अधिक सरकारी नौकरियां युवाओं को दी जा चुकी है। एक भी नियुक्ति पर सवाल नहीं है।
जनता की समस्याएं रोज सुनें अफसर
उन्होंने कहा कि मैं मुख्यमंत्री होकर, तमाम तरह की व्यवस्तता के बावजूद कोविड काल को छोड़ दें तो प्रतिदिन 500-600 लोगों से मिलता हूं। जनता-दर्शन में उनकी समस्याओं को सुनता हूं व उसका समाधान सुनिश्चित कराता हूं। उन्होंने कहा कि एक समय था यूपी में कोई निवेश नहीं करने आता था। राजनीतिक भ्रष्टाचार, प्रशासनिक भ्रष्टाचार व सिस्टम अनिर्णय का शिकार था। उनकी सरकार ने अपराध व अपराधियों प्रति जीरो टालरेंस की नीति अपनाई। निवेशकों से संवाद कर विश्वास दिलाया। नतीजा ये हुआ कि पहले ही इन्वेस्टर्स समिट में 4.68 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव आए, जिससे 1.61 करोड़ युवाओं को रोजगार का अवसर मिल चुका है। अफसरों को सरकार की इस व्यवस्था से जुड़ना होगा।
सुरेश कुमार खन्ना, वित्त, ससंसदीय कार्य व चिकित्सा शिक्षा मंत्री
- काम नियम-कानून के दायरे में हो लेकिन व्यवहार अच्छा हो। न्याय हो और न्याय दिखाई भी दे।
- उदारता, विनम्रता, सहनशीलता, संवेदनशीलता, दार्शनिकता, निश्चछलता व कर्तव्यपरायणता सेवा का मंत्र है। यह दिखना चाहिए।
- विकास व छपास के रोग से बचना। काम कम लेकिन टीवी-अखबार में ज्यादा दिखने-छपने की चाहत न पालें। सस्ती लोकप्रियता से बचें।
- आईएएस काडर में प्रमोशन का कोटा बढ़ना चाहिए ताकि पीसीएस अफसरों को जल्दी पदोन्नति का अवसर मिल सके।
डा. दिनेश शर्मा, उप मुख्यमंत्री
- त्वरित निर्णय व आत्मविश्वास से सही निर्णय लें।
- मेरा व तेरा का भाव नहीं होना चाहिए। निष्पक्षता व सार्वजनिक हित केंद्र में हो।
- किन्हीं परिस्थितियों में फ्रस्टेशन-ग्लानि की नौबत आए लेकिन उसका प्रभाव कार्यक्षमता पर न पड़ने दें।
डा. देवेश चतर्वेदी, अपर मुख्य सचिव नियुक्ति एवं कार्मिक
- सदैव संवेदनशील रहें व नागरिकों के लिए द्वार हमेशा खुले रहने चाहिए।
- नतीजे देना होगा। कार्य को टालने की प्रवृत्ति नहीं होनी चाहिए।
- कार्य उत्कृष्ट रहा तो डीएम व सचिव बनने का द्वार खुला है।
नव चयनितों में टेक्नोक्रेट का बोलबाला
पीसीएस में चयनित 51 प्रशिक्षुओं को नियुक्ति पत्र दिया जाना था। बताया गया कि इनमें से 46 2019 बैच के जबकि 5 प्रशिक्षु 2018 बैच के थे। अपर मुख्य सचिव नियुक्ति डा. देवेश चतुर्वेदी ने बताया कि जो 47 प्रशिक्षु अफसर नियुक्ति पत्र लेने के लिए उपस्थित हुए उनमें सर्वाधिक 31 इंजीनियर, 10 बीए/बीएससी स्नातक, दो एमबीबीएस, एक बीएससी वेटेनरी व एक बीएससी आर्किटेक्ट डिग्रीधारी हैं।
प्रशिक्षुओं ने पारदर्शी व निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया की तारीफ की
पीसीएस-2019 में द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले युगांतर त्रिपाठी, तीसरा स्थान पाने वाली डा. पूनम गौतम, अभिषेक कुमार सिंह, अमन देवल व प्रीती सिंह ने अपने अनुभव साझा किए। सभी ने निष्पक्ष व पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया का उल्लेख किया और भविष्य में दी जाने वाली जिम्मेदारी पूरी ईमानदारी व कर्तव्यपरायणता से पूरा करने की बात कही। इंजीनियरिंग सेवा छोड़कर पीसीएस सेवा में आए युगांतर ने कहा कि भर्ती सभी चरणों में निष्पक्ष रही है और वह जनता के लिए काम करेंगे। स्त्री रोग विशेषज्ञ के रूप में कार्यरत डा. पूनम ने कहा कि वह सरकार के आपदा में अवसर के प्रयोगों से प्रभावित हैं। महिला सशक्तीकरण को खास तौर से बल देने का काम करेंगी। अखिलेश कुमार यादव ने कहा कि हाशिए पर खड़े व वंचित लोगों को मुख्यधारा में लाने का प्रयास करेंगे। अमन ने कहा कि जिस तरह निष्पक्ष व पारदर्शी भर्ती हुई है, उसी तरह निष्पक्ष कार्य करेंगी। प्राइमरी स्कूल की सहायक अध्यापिका से पीसीएस अफसर बनीं प्रीती सिंह ने कहा कि व उत्तम प्रदेश को अतिउत्तम प्रदेश बनाने के लिए काम करेंगी। महिलाओं व वंचितों के सार्वभौमिक कल्याण के लिए काम करेंगी।