कांग्रेस का प्रचार पूरी तरह से पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी के इर्द-गिर्द केंद्रित रहा। उन्होंने 147 रैलियां कीं। वहीं, राहुल गांधी ने पूरे चुनाव में सिर्फ दो सभाएं कीं। प्रियंका ने 42 रोड शो और डोर टू डोर कैंपेन भी किए। इसके अलावा छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और राजस्थान के पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट भी यूपी में सक्रिय रहे। राहुल ने अमेठी के जगदीशपुर और वाराणसी के पिंडरा क्षेत्र में सभाएं कीं। वहीं, भूपेश बघेल, सचिन पायलट और दीपेंद्र हुड्डा ने पश्चिमी यूपी में जनसंपर्क पर फोकस किया।
मायावती, जयंत ने की 18-18 रैलियां
बसपा सुप्रीमो मायावती ने 18 जिलों में मंडलवार रैलियां कीं। उन्होंने पंजाब व उत्तराखंड में भी एक-एक रैली की। बसपा के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा ने इस बार पार्टी में प्रचार की कमान संभालीं। उन्होंने सौ से ज्यादा जनसभाएं कीं। उधर, सपा के साथ गठबंधन में लड़ रहे रालोद सुप्रीमो चौधरी जयंत सिंह ने 14 जनसभाएं एवं विजय यात्रा अखिलेश यादव के साथ की। इसके अलावा अलग से 18 जनसभाएं, आशीर्वाद यात्रा व परिवर्तन रैलियां निकालीं।