मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कोविड-19 संक्रमण के आपदा काल में लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए हर संभव प्रयास करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सभी सरकारी व निजी एंबुलेंस की सेवाएं ली जाएं। एंबुलेंस के ड्राइवरों समेत सभी कार्मिकों को सैनिटाइजर, पीपीई किट व एन-95 मास्क अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराए जाएं।
यह सुनिश्चित किया जाए कि एंबुलेंस सेवा का रिस्पांस टाइम 10 मिनट से अधिक न हो। मुख्यमंत्री अपने आवास पर उच्च स्तरीय बैठक में अनलॉक व्यवस्था की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने संसाधनों के सर्वाधिक उपयोग पर जोर दिया। कहा कि ‘108’, ‘102’, एएलएस व निजी नर्सिंग होम की एंबुलेंस सहित सभी एंबुलेंस की सेवा प्राप्त की जाए।
टेस्टिंग क्षमता में सतत वृद्धि के लिए हर संभव प्रयास किए जाएं। प्रत्येक जिले में एक टेस्टिंग लैब की स्थापना का कार्य तेजी से पूरा किया जाए। जून माह के अंत तक सभी मेडिकल कॉलेज तथा मंडलीय चिकित्सालयों में लेवल-2 स्तर की टेस्टिंग लैब स्थापित की जाए। इस संबंध में उन्होंने स्वास्थ्य व चिकित्सा शिक्षा विभाग को प्रभावी कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि एल-1 तथा एल-2 कोविड अस्पतालों में आवश्यकता के अनुसार आयुष चिकित्सकों की सेवाएं भी ली जाएं।