एमबीबीएस विद्यार्थियों ने किया सीएम का स्वागत
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शासन की प्राथमिकता है कि बेहतर सेवाएं देकर हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया जा सके। मेडिकल कॉलेज केवल मेडिकल एजुकेशन व विशेषज्ञ स्वास्थ्य सुविधा का ही केंद्र नहीं होता है, बल्कि मेडिकल कॉलेज हेल्थ जागरूकता का भी एक केंद्र बिंदु बनता है। स्वास्थ्य जागरूकता ही बड़ी मानव ताकत को बीमारी की चपेट में आने से बचा सकती है। यह बातें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज गंजा के निरीक्षण के दौरान मौजूद एमबीबीएस के विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहीं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार दोपहर गंजा में बने राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज पहुंचे। प्रशासनिक भवन के बाहर मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल व अन्य के साथ पौधरोपण करने के बाद उन्होंने लेक्चर थिएटर, प्रशासनिक भवन का निरीक्षण किया। मेडिकल कॉलेज के भवन में प्रवेश करते समय स्वागत के लिए खड़ी छात्राओं से मुख्यमंत्री ने पढ़ाई-लिखाई की जानकारी ली। इसके बाद द्वितीय तल पर बने बॉयोलॉजी लैब पहुंचे और बारीकी से निरीक्षण किया।
माइक्रोबायलोजी के प्रोफेसर डॉ. स्नेहांशु शुक्ला से लैब के बारे में उन्होंने विधिवत जानकारी की। इसके बाद मुख्यमंत्री एनाटॉमी विभाग में गए। जहां विभागाध्यक्ष डॉ. अल्का सिंह से तमाम जानकारियों से अवगत कराया। इसके बाद प्रशासनिक भवन में बने हॉल में एकत्र एमबीबीएस के छात्र-छात्राओं के पास पहुंचे। मुख्यमंत्री के हाल में प्रवेश करते ही छात्राओं ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया।
विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हमारे पास दो लाख कोरोना बेड हैं। कोविड उपचार की सुविधा हर एक मरीज को उपलब्ध कराई जा सकती है। जबकि शुरुआती दौर में हमारे पास जांच व आइसोलेशन की सुविधा नहीं थी। इस तरह जाहिर है कि प्रयास करने से सब होता है। आप लोग यहां से चिकित्सक बनने जा रहे हैं। एक चिकित्सक के रूप में अपने कॉलेज के प्रति आपके मन में एक आत्मीय भाव होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि 2019-20 में हमने एक साथ आठ मेडिकल कॉलेज चालू किए थे। जिन छात्र-छात्राओं ने आज यहां दाखिला लिया है, हो सकता है अन्य मेडिकल कॉलेज में उन्हें प्रवेश की सुविधा न मिल पा रही हो। या फिर प्राइवेट मेडिकल कॉलेज में जाना पड़ता। जहां बहुत फीस होती और उनके ऊपर बहुत ज्यादा भार होता। लेकिन शासन ने निर्णय लिया, जिसका परिणाम है कि आज यहां अच्छा मेडिकल बन गया है। कहा कि आप सभी अच्छे से पढ़ाई करें। आपको रिसर्च करना है। चिकित्सक बनने के बाद उन्होंने मरीज व उनके तीमारदारों से अच्छा व्यवहार करने की तालीम भी विद्यार्थियों को दी।