मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मंगलवार को साइकिल चलाने के गुर बताते हुए राजनीति में आगे बढ़ने का मंत्र दिया। उन्होंने कहा कि जो साइकिल चलाते हैं, वह अपना ख्याल तो रखते ही हैं। पर्यावरण का भी ख्याल रख रहे हैं। जिस तरह बगैर बैलेंस बनाए साइकिल नहीं चलती, उसी तरह राजनीति भी है, पैडल मारो-बैलेंस बनाओ और आगे बढ़ो।
सीएम ने साइकिल मैराथन के समापन अवसर मीडिया से बातचीत में कहा कि साइकिल भले ही हमारी पार्टी का चुनाव निशान है गरीब, नौजवान व किसान से लेकर सभी कभी न कभी साइकिल जरूर चलाते हैं।
इसी साइकिल मैराथन में पिछली बार उन्होंने 28 किमी साइकिल चलाई थी इस बार 10 किमी चलाई है। धक्का-मुक्की में साइकिल चलाना आसान नहीं होता है।
उन्होंने कहा कि जो आज भी साइकिल से चल रहे हैं। वह डीजल-पेट्रोल बचाकर कहीं न कहीं देश की सेवा कर रहे हैं। हमारी कोशिश है कि साइकिल चलाने वालों को बढ़ावा मिले और यह प्रयास जारी भी हैं।
अखिलेश ने कहा, साइकिल चलाने वालों के लिए ऐसे इंतजाम हों कि जहां एक्सीडेंट न हो सकें। वह महसूस करें कि साइकिल चलाएंगे तो सुरक्षित रहेंगे। तब मां-बाप भी अपने बच्चों को साइकिल चलाने के लिए सड़क पर भेज सकते हैं।