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अखिलेश को दशहरे का इंतजार, बोले- हम भी मारेंगे रावण

Thu, 06 Oct 2016 02:00 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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अखिलेश यादव - फोटो : amar ujala
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परिवार में सुलह-समझौते की कोशिशों का असर है या अपनी अलग लकीर खींचने का आत्मविश्वास। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव बुधवार को अलग अंदाज में थे। दार्शनिक अंदाज में उन्होंने अपने भविष्य के सियासी कदम के भी संकेत दे दिए।
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बोले, दशहरे पर हमें भी मौका मिलेगा रावण मारने का। उन्हें दशहरे का बेसब्री से इंतजार है। इसी दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी लखनऊ में रावण वध करने आ रहे हैं।

लोकभवन सचिवालय में  बुधवार को आयोजित ‘यूपी-100’ के कार्यक्रम में सीएम अखिलेश ने कहा, नवरात्र में हमारी कोशिश रही कि  कोई न कोई नया काम शुरू किया जाए। नवरात्र में अमूमन लोग कोई नया काम करते हैं। वे यहीं नहीं रुके। कहा, नवरात्र जब खत्म होगा... दशहरा भी आएगा...हमें भी मौका मिलेगा रावण मारने का। इसके बाद दिवाली आएगी...। हम मिलकर दिवाली मनाएंगे। एक -दूसरे के घर जाएंगे और मिठाई खाएंगे।
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सीएम बोले, जन्म लिया है तो जाना भी तय है

बात शुरू की थी सीएम के सलाहकार वेंकट चेंगावल्ली ने। उन्होंने कहा, सीएम अखिलेश के निर्देशन में यूपी-100 शुरू कर इतना अच्छा काम किया है कि मरेंगे भी तो स्वर्ग में जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने इसका जवाब दिया। कहा, हो सकता है कि ऐसा हो, पर हम मानते हैं कि धरती के ऊपर भी आसमान है और धरती के नीचे भी। इसलिए हमारी जिम्मेदारी है कि लोगों को सहूलियतें दें, मदद करें। यह भी सत्य है कि जन्म लिया है तो जाना भी तय है। समाजवादी नई दिशा, खुशहाली और तरक्की के रास्ते पर कैसे जाएं, उस ओर ले जाने का काम कर रहे हैं।

...और वे मुस्कुराते हुए निकल गए
सीएम के सियासी बोल के तत्काल ही मायने लगाए जाने शुरू हो गए। किसी ने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दशहरे के दिन लखनऊ की यात्रा से जोड़ने की कोशिश की, तो किसी ने इसे पार्टी के भीतर जारी कलह के निर्णायक मोड़ की ओर पहुंचने का संकेत माना। बाद में, मुख्यमंत्री से इस संकेत का अर्थ समझने के लिए मीडिया ने उनसे बाइट देने की गुजारिश भी की। पर, वे मुस्कुराते हुए निकल गए।

‘यूपी-100’ बनेगा मिसाल, कानून-व्यवस्था में होगा सुधार

मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि उनकी सरकार ने उदाहरण पेश करने वाले काम किए हैं। लॉ एंड ऑर्डर के मामले में सिस्टम देने का काम कर रहे हैं। यूपी-100 इसका बड़ा प्रमाण है। आने वाले दिनों में कोई भी 100 नंबर मिलाएगा तो उसे 15 से 20 मिनट में पुलिस की मदद मिलेगी। यह भी उदाहरण बनेगा।

लोकभवन के ऑडिटोरियम में बुधवार को यूपी-100 के मोबाइल एप व लोगो का अनावरण करते हुए सीएम ने कहा कि विरोधी भी कहते हैं कि आप काम में आगे हो लेकिन कानून-व्यवस्था में पीछे। उन्होंने सफाई वाले लहजे में कहा कि पुलिस के किसी बड़े अधिकारी की भर्ती तो उन्होंने की नहीं। वे अपनी काबिलियत से आए हैं।

अधिकारियों ने अमेरिका व यूरोप जाकर वहां के सिस्टम को जाना। उसमें जरूरी सुधार कर यह परियोजना लागू की जा रही है। यूपी-100 सफल हुआ तो दूसरे भी इसकी नकल करेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने एक्सप्रेस-वे बनाकर, लाखों बच्चों को लैपटॉप बांट कर, एक दिन में पांच करोड़ पौधे लगाकर, 55 लाख महिलाओं को समाजवादी पेंशन देकर और पुलिस भर्ती में 10-10 किमी दौड़ाकर युवाओं की जान लेने वाले सिस्टम को सुधार कर उदाहरण पेश किया है। यूपी-100 भी मिसाल बनेगा। मुख्यमंत्री ने यूपी-100 को मिले नए वाहनों को भी रवाना किया।

स्वर्ग-नरक की चिंता छोड़ खुशहाली लाने में जुटे

वेंकट चेंगावल्ली ने अपने संबोधन में कहा था कि सीएम अखिलेश के निर्देशन में 22 करोड़ लोगों के लिए यूपी-100 शुरू कर इतना अच्छा काम किया है कि मरेंगे भी तो स्वर्ग में जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हो सकता है कि ऐसा हो, पर वह मानते हैं कि धरती के ऊपर भी आसमान है और धरती के नीचे भी। इसलिए हमारी जिम्मेदारी है कि यहां के लोगों को सहूलियतें दें, मदद करें। यह भी सत्य है कि जन्म लिया है तो जाना भी तय है। समाजवादी नई दिशा, खुशहाली और तरक्की के रास्ते पर कैसे जाएं, उस ओर ले जाने का काम कर रहे हैं।

टैबलेट न देने की सफाई
मुख्यमंत्री ने कहा कि विरोधी शिकायत करते हैं कि वादा करने के बावजूद टैबलेट नहीं दिया। उन्होंने कहा कि विरोधियों ने इतने टैबलेट दे दिए कि उन्हें टैबलेट देने की जरूरत ही नहीं पड़ी।

यूपी-100 को संसाधन की कमी नहीं होने देगी सरकार

मुख्य सचिव राहुल भटनागर ने कहा कि मुख्यमंत्री ने सिस्टम को मजबूत बनाने का काम किया है। 80 फीसदी समस्याएं सिस्टम से दूर हो जाती हैं। 1600 करोड़ रुपये से यह परियोजना पूरी हो रही है। 5000 गाड़ियों का नेटवर्क होगा। सरकार इस परियोजना के लिए संसाधन की कमी नहीं आने देगी।

एफआईआर न होने की नहीं होगी शिकायत : पंडा
प्रमुख सचिव गृह देबाशीष पंडा ने कहा कि यूपी-100 शुरू होते ही हर कॉल रिसीव की जा सकेगी। उसे रजिस्टर किया जाएगा। इस सेवा के एक्टिव होते ही थानों में सुनवाई न होने और एफआईआर दर्ज न होने की शिकायतें पीछे छूट जाएंगी।

दो नवंबर को शुभारंभ की तैयारी
मुख्यमंत्री दो नवंबर को यूपी-100 का विधिवत शुभारंभ कर सकते हैं। वेंकट चेंगावल्ली ने अपने भाषण के दौरान इसका संकेत दिया।

केंद्र 100 नंबर बदलकर 112 करने पर कर रहा विचार
चेंगावल्ली ने कहा कि केंद्र सरकार पुलिस इमरजेंसी नंबर-100 को बदलकर 112 करने पर विचार कर रही है। 112 नंबर यूरोपियंस का है। समझ नहीं आ रहा, हम उनकी कॉपी क्यों कर रहे हैं।
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बेड़े में होंगे 4800 वाहन

700 इनोवा
2500 बोलेरो
1600 टू व्हीलर

इस तरह काम करेगा यूपी-100 एप
यूपी-100 का अभी बीटा वर्जन लॉन्च किया गया है। इस एप पर लोगों को रजिस्ट्रेशन कराकर अपना नाम, पता, कहां काम करते हैं, बच्चे कहां पढ़ते हैं, पांच इमरजेंसी मोबाइल नंबर, किन-किन भाषाओं की जानकारी है, दर्ज करना होगा।

इसमें लोग अपने घर की लोकेशन भी अपलोड कर सकेंगे। मुसीबत के वक्त पीड़ित जैसे ही पैनिक बटन दबाएगा, पुलिस के सामने सारी जानकारी आ जाएगी। पीड़ित की लोकेशन की जानकारी उसके घर वालों को भी मिल जाएगी।
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