दादा-दादी ने पहले मां की डंडों से पिटाई की, इसके बाद मिट्टी का तेल डालकर जिंदा फूंक दिया...। यह शब्द उस मासूम बच्चे के हैं, जिसने अपनी मां को जिंदा आग की लपटों से जलते हुए देखा है।
महिला जिला अस्पताल में जिंदगी व मौत से जूझ रही है। उसके बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। झुलसी मां की तीमारदारी कर रही नौ वर्षीय बच्ची चीख-चीख कर दादा-दादी, चाचा-चाची पर मां को जिंदा फूंकने का आरोप लगा रही है। ये मामला फखरपुर का है।
रायबरेली के लालगंज निवासी रेनू (40) का विवाह 13 वर्ष पूर्व फखरपुर थाना अंतर्गत फखरपुर निवासी मुन्नालाल के साथ हुआ था। करीब पांच वर्ष पूर्व मुन्नालाल चोरी के आरोप में जेल चला गया। तब से वह जेल में निरुद्ध है।
रेनू मेहनत-मजदूरी कर अपने तीन बच्चों का भरण पोषण करती है। शनिवार की सुबह ससुर चनकिरन, सास रुपमती से रेनू का विवाद हो गया। मामला इतना बढ़ा कि चनकिरन ने बेटों श्रीनाथ, बूटा व बहू आरती एवं अन्य के साथ मिलकर रेनू की लाठी-डंडों से पिटाई कर दी। इसके बाद उस पर केरोसिन डालकर जिंदा जला दिया।