मुख्यमंत्री को सरकार व पार्टी के कार्य से अक्सर कई-कई दिन बाहर रहना पड़ता है। इस दौरान महत्वपूर्ण व तत्काल आवश्यकता वाले कार्य सीएम से फोन या मेल के जरिए अनुमति लेकर किए जाते हैं। बाद में सीएम के लौटने पर अप्रूवल ले लिया जाता है। कार्यकाल का उत्तरार्ध शुरू होने के साथ आने वाले दिनों में मुख्यमंत्री की व्यस्तता और बढ़ने वाली है।
अब सीएम के डेस्कटॉप व आई-पैड पर ई-ऑफिस का पूरा सिस्टम जोड़ दिया जाएगा। इससे मुख्यमंत्री जहां भी रहेंगे, वहीं से ऑनलाइन पत्रावलियों का निस्तारण कर देंगे। आवश्यक लिखित अनुमति भी ऑनलाइन ही दे सकेंगे। मुख्यमंत्री के साथ डे ऑफिसर के रूप में आईएएस अधिकारी साथ रहते हैं। वह इस काम में सीएम की मदद करेंगे।
इस तरह मददगार बन रहा दर्पण: सीएम की सीधे लाभार्थी तक पहुंच
दर्पण डैशबोर्ड मुख्यमंत्री को किसी भी योजना के लाभार्थी तक सीधे पहुंचने का माध्यम बन गया है। दर्पण के मुख्य पेज पर योजना से जुड़े पांच मुख्य फीचर उपलब्ध करा दिए गए हैं। मसलन, धान खरीद की स्थिति सीएम को जाननी है तो कुल कितने किसानों ने रजिस्ट्रेशन कराया? कितने किसानों ने धान बेचा? धान खरीद का लक्ष्य कितना है? कितनी धान खरीद की गई? कितनी राशि का भुगतान किया गया। इसके बाद मुख्यमंत्री यदि किसी जिले के किसी किसान से धान खरीद के बारे में जानना चाहते हैं तो दर्पण प्रत्येक किसान तक की जानकारी उपलब्ध कराता है। इसी तरह अन्य योजनाओं के लाभार्थी तक सीएम पहुंच सकते हैं।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।
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निर्माण परियोजनाओं में 50 करोड़ तक की परियोजनाओं की स्थिति दर्पण पर अपडेट कराई जा रही है। मसलन, कोई इंजीनियरिंग कॉलेज है तो उसके प्रशासनिक भवन, हॉस्टल, बिजली, इन्फ्रास्ट्रक्चर डवपलपमेंट का काम करने की अलग-अलग समयसीमा तय की जा रही है। समयसीमा के लिहाज से कितनी प्रगति हुई यह दर्पण से जाना जा सकता है। यदि काम तय समय से पीछे है तो डैशबोर्ड पर उसका कारण भी दिख जाएगा।
किसी को तय समय में सेवा न मिले तो भी बताएगा दर्पण
जनहित गारंटी अधिनियम के तहत तमाम सेवाएं लोगों को तय समय में पहुंचाने की व्यवस्था है। निवेशकों से लेकर आम लोगों व विद्यार्थियों को दी जाने वाली सुविधाएं इसमें शामिल हैं। मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर देख सकते हैं कि किस व्यक्ति को कितने समय में सेवा उपलब्ध कराई गई। यदि तय समय में सेवा नहीं दी गई तो किस स्तर पर देरी है और उसके क्या कारण हैं? मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर पूरी स्थिति जानकर जरूरी निर्देश दे सकते हैं।
मुख्यमंत्री योगी धारा प्रवाह भाषण के लिए जाने जाते हैं। लेकिन कंटेंट में कोई त्रुटि न हो, इसके लिए उनके भाषण के मुख्य बिंदु अब आईपैड पर उपलब्ध कराए जाने लगे हैं। गंगा यात्रा के दौरान सीएम रामराज मुजफ्फरनगर की जनसभा में इस तकनीक का सहयोग लेते नजर आए।
डिफेंस एक्सपो की मीटिंग में भी आईपैड का उपयोग करते दिखे
मुख्यमंत्री योगी ने शुक्रवार को वरिष्ठ प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों के साथ डिफेंस एक्सपो की तैयारियों पर मीटिंग की। योगी इस बैठक में भी आईपैड का उपयोग करते नजर आए। उनके सामने आईपैड पर जरूरी सूचनाएं उपलब्ध कराई गई थीं।